रिपोर्ट – प्रिया बाजपेयी शुक्ला
उज्जैन। नागपंचमी और सावन के तीसरे सोमवार के मौके पर उज्जैन के महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच सोमवार को अचानक अफरा-तफरी मच गई। मंदिर के ऊपरी तल पर स्थित भगवान श्री नागचंद्रेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए लगी लंबी कतार में करंट फैलने की अफवाह के बाद भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। अचानक मची अफरा-तफरी में कई श्रद्धालु घायल हो गए।
बताया जा रहा है कि हरसिद्धि मंदिर चौराहे के समीप बैरिकेडिंग के अंदर डीपी के पास करंट फैलने की अफवाह तेजी से फैली। कतार में खड़े श्रद्धालुओं को जैसे ही इसकी जानकारी मिली, लोगों में घबराहट फैल गई। देखते ही देखते श्रद्धालु इधर-उधर भागने लगे और बैरिकेडिंग के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई।
इस दौरान कई श्रद्धालु बैरिकेडिंग से टकराकर घायल हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया और स्थिति को नियंत्रित किया। घायलों को तत्काल उपचार के लिए चरक अस्पताल पहुंचाया गया।

कई श्रद्धालु अस्पताल में भर्ती
घायलों में उज्जैन के ढांचा भवन निवासी हिंदू बाई, किशनपुरा निवासी सागर पुत्र मनीष (19), ढांचा भवन निवासी लक्ष्मीबाई, गंजबासौदा निवासी अनसूया और उनकी मां ममता, ग्राम सिलवासा, वापी गुजरात निवासी हरिश्चंद्र, ग्वालियर निवासी सोनम (18), दरभंगा बिहार निवासी सुजीत कुमार, ग्वालियर निवासी खुशी तथा वलसाड गुजरात निवासी तुलसी और उनकी मां रेखा बाई शामिल हैं।
भगदड़ जैसी स्थिति के दौरान बैरिकेडिंग से टकराने के कारण हरिश्चंद्र के पैरों में गंभीर चोट आने की जानकारी सामने आई है। सभी घायलों को चरक अस्पताल में भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है।
कुछ देर प्रभावित रही दर्शन व्यवस्था
घटना के बाद मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में कुछ समय के लिए दर्शन व्यवस्था प्रभावित हुई। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर श्रद्धालुओं को व्यवस्थित किया और हालात को सामान्य कराया। इसके बाद दर्शन व्यवस्था को दोबारा सुचारू कर दिया गया।
नागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे थे। नागपंचमी के अवसर पर इस मंदिर के कपाट साल में विशेष रूप से एक बार खोले जाते हैं, जिसके चलते यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहती है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है और मंदिर में दर्शन व्यवस्था सुचारू रूप से जारी है। करंट फैलने की अफवाह के कारण मची अफरा-तफरी के वास्तविक कारणों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर जानकारी जुटाई जा रही है।
