रिपोर्ट: प्रिया बाजपेई शुक्ला
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की जूनियर इंजीनियर (JE) भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों का इंतजार लगातार बढ़ता जा रहा है। भर्ती प्रक्रिया में देरी और दस्तावेज सत्यापन के परिणाम को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने से नाराज अभ्यर्थियों ने शनिवार को उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के आवास का घेराव किया। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने सरकार और आयोग से भर्ती प्रक्रिया को जल्द पूरा कराने, दस्तावेज सत्यापन का परिणाम जारी करने और चयन प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरतने की मांग की।

अभ्यर्थियों के मुताबिक, करीब 4,612 पदों पर प्रस्तावित जूनियर इंजीनियर भर्ती प्रक्रिया लंबे समय से चल रही है। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी भर्ती के अगले चरण का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन दस्तावेज सत्यापन के परिणाम को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने के कारण उनके सामने असमंजस की स्थिति बनी हुई है। अभ्यर्थियों का कहना है कि परिणाम में देरी से उनकी आगे की तैयारी और भविष्य की योजनाएं प्रभावित हो रही हैं।

दस्तावेज सत्यापन के परिणाम का इंतजार
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया के तहत जरूरी चरण पूरे किए जा चुके हैं, लेकिन दस्तावेज सत्यापन के परिणाम की घोषणा नहीं होने से पूरी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। अभ्यर्थियों की मांग है कि आयोग जल्द से जल्द सत्यापन प्रक्रिया का परिणाम जारी करे, ताकि चयनित अभ्यर्थियों को आगे की प्रक्रिया की जानकारी मिल सके।
अभ्यर्थियों ने कहा कि लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया से जुड़े रहने के कारण उन्होंने परीक्षा और दस्तावेज सत्यापन के लिए काफी समय और मेहनत लगाई है। अब वे अंतिम परिणाम और नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में किसी भी तरह की अनिश्चितता अभ्यर्थियों के लिए परेशानी का कारण बन रही है।
चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग
प्रदर्शनकारियों ने चयन प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरतने की मांग की। उनका कहना है कि भर्ती से जुड़े सभी चरणों की जानकारी अभ्यर्थियों को समय पर दी जानी चाहिए। साथ ही दस्तावेज सत्यापन और विभाग आवंटन की प्रक्रिया को भी स्पष्ट नियमों के तहत पूरा किया जाना चाहिए।
अभ्यर्थियों का कहना है कि वे चाहते हैं कि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी तरह की अनियमितता की गुंजाइश न रहे। सरकार और आयोग की ओर से समय-समय पर आधिकारिक जानकारी जारी की जाए, ताकि अभ्यर्थियों के बीच किसी तरह का भ्रम न पैदा हो।
‘डिपार्टमेंट स्किप’ विकल्प देने की मांग
प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने ‘डिपार्टमेंट स्किप’ विकल्प देने की मांग भी प्रमुखता से उठाई। अभ्यर्थियों का कहना है कि विभाग आवंटन की प्रक्रिया में यह विकल्प मिलने से उन्हें अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार निर्णय लेने का अवसर मिलेगा।
उनका दावा है कि विभाग आवंटन में ‘डिपार्टमेंट स्किप’ का विकल्प चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और अभ्यर्थी हितैषी बना सकता है। इसी मांग को लेकर उन्होंने शासन स्तर पर भी जल्द निर्णय लिए जाने की अपील की।
सरकार और आयोग से जल्द कार्रवाई की मांग
अभ्यर्थियों ने कहा कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं बल्कि भर्ती प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने की मांग को लेकर है। उन्होंने सरकार और UPSSSC से अपील की कि अभ्यर्थियों की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए और लंबित प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जाए।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य इस भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है। ऐसे में दस्तावेज सत्यापन के परिणाम में देरी से उनके बीच लगातार चिंता बनी हुई है। उन्होंने मांग की कि आयोग स्पष्ट समयसीमा के साथ आगे की प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध कराए।
आंदोलन की चेतावनी
अभ्यर्थियों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो वे आगे भी आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, दस्तावेज सत्यापन का परिणाम जल्द जारी करने और ‘डिपार्टमेंट स्किप’ विकल्प दिए जाने की मांग दोहराई।
फिलहाल अभ्यर्थियों के प्रदर्शन के बाद एक बार फिर UPSSSC JE भर्ती प्रक्रिया को लेकर सरकार और आयोग पर जल्द निर्णय लेने का दबाव बढ़ गया है। अब अभ्यर्थियों की नजर आयोग की ओर से दस्तावेज सत्यापन के परिणाम और भर्ती के अगले चरण को लेकर जारी होने वाली आधिकारिक सूचना पर है।
