न्यूज डेस्क, लखनऊ
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के ‘चवन्नी का रुपया बना दिया’ वाले बयान को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत गरमा गई है।
राष्ट्रीय लोकदल (RLD) ने इसे जाट और किसान समाज का अपमान बताते हुए अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। RLD के राष्ट्रीय महासचिव अनिल दुबे ने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन किसी समाज को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करना उचित नहीं है।
अनिल दुबे ने कहा कि अखिलेश यादव ने किसान और जाट समाज को अपमानित करने का काम किया है।
उन्होंने कहा कि जो समाज खेतों में अन्न पैदा करने के साथ देश की सुरक्षा के लिए जवान देता है, उसका अपमान निंदनीय है। उन्होंने कहा कि राजनीति में भाषा की मर्यादा नहीं लांघनी चाहिए और 2027 के विधानसभा चुनाव में यूपी की जनता इसका जवाब देगी।

जयंत चौधरी ने भी साधा निशाना
इस विवाद के बीच RLD अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने भी सोशल मीडिया के जरिए अखिलेश यादव पर पलटवार किया।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक लड़ाई में अगर निशाना साधना था तो उनका नाम लेकर बयान दिया जा सकता था, लेकिन जाट समाज को टारगेट करना उचित नहीं है। जयंत चौधरी ने अखिलेश यादव के रवैये को अहंकार से जोड़ते हुए कहा कि ऐसा आचरण राजनीतिक पतन की ओर ले जाता है।
सपा प्रदेश अध्यक्ष के बयान से भी बढ़ा विवाद
दरअसल, अखिलेश यादव के बयान के बाद सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल के एक बयान ने भी विवाद को और हवा दे दी। मुजफ्फरनगर में उन्होंने कहा था कि समाजवादी पार्टी ने ‘चवन्नी को रुपया’ बनाने का काम किया है। उन्होंने दावा किया कि जिन लोगों को राजनीति की ABCD तक नहीं आती थी, उन्हें सपा ने राजनीतिक मंच दिया और आगे बढ़ाया।
भाजपा ने भी घेरा
भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने भी सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि किसी व्यक्ति की राजनीतिक आलोचना अलग बात है, लेकिन किसी पूरे समाज को लेकर टिप्पणी करना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जाट समाज के संदर्भ में की गई टिप्पणी सपा के लिए भारी पड़ सकती है।
भाजपा ने अखिलेश यादव से प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई करने और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।
अखिलेश यादव ने क्या कहा था?
बता दें कि अखिलेश यादव ने हाल में अपने पूर्व सहयोगी दलों पर निशाना साधते हुए बिना नाम लिए जयंत चौधरी पर तंज कसा था। उन्होंने कहा था कि समाजवादी पार्टी ने हमेशा अपने सहयोगी दलों को आगे बढ़ाने का काम किया, लेकिन इसके बावजूद कुछ लोग उनका साथ छोड़कर चले गए।
अखिलेश यादव ने कहा था, “कहां-कहां से आ गए थे, हमने चवन्नी का रुपया बना दिया, तब भी लोग छोड़कर चले गए।”**
इसी बयान को लेकर अब RLD, भाजपा और सपा के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। आने वाले समय में यह विवाद 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिमी यूपी की सियासत में और बड़ा मुद्दा बन सकता है।
