रिपोर्ट- गोविंद कश्यप
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर प्रदेशवासियों को हृदय से शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन सत्य, धर्म, कर्म, ज्ञान, प्रेम, समरसता और लोकमंगल का संदेश देता है। जन्माष्टमी के पावन पर्व पर हमें उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारने और विकसित एवं गौरवशाली उत्तर प्रदेश के निर्माण का संकल्प लेना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि असत्य और अन्याय के अंधकार के बीच भगवान श्रीकृष्ण के रूप में सत्य और धर्म का प्रकाश प्रस्फुटित हुआ। उनकी बाल लीलाएं केवल आनंदित करने वाली कथाएं नहीं हैं, बल्कि उनमें गहन आध्यात्मिक और सामाजिक संदेश निहित हैं। माखन चोरी की लीला सहजता और निश्छलता का संदेश देती है, वहीं गोप-गोपियों के साथ उनकी आत्मीयता प्रेम और सामाजिक समरसता की प्रेरणा देती है।

उन्होंने कहा कि कालिय नाग के दमन में अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश मिलता है। गोवर्धन पर्वत धारण कर श्रीकृष्ण ने प्रकृति, पशुधन और कृषि आधारित जीवन के संरक्षण का संदेश दिया। गोवर्धन पूजा सामूहिक एकजुटता और सहकारिता की शक्ति का प्रतीक है। श्रीकृष्ण का जीवन बताता है कि समाज की वास्तविक शक्ति सामूहिक सहयोग में निहित है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीकृष्ण कुलीनता के नहीं, बल्कि समरसता के प्रतीक हैं। वे समाज के प्रत्येक वर्ग के साथ खड़े रहे। द्वारकाधीश बनने के बाद भी सुदामा के प्रति उनकी आत्मीयता यह संदेश देती है कि सच्चे संबंध पद, प्रतिष्ठा और संपन्नता से नहीं, बल्कि आत्मीयता से बनते हैं। आज के समाज में समरसता, समानता और आत्मीयता की विशेष आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि योगेश्वर श्रीकृष्ण का जीवन लोककल्याणकारी शासन की मूल भावना की प्रेरणा देता है। सरकार समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को सम्मान और सुरक्षा देने के लिए कार्य कर रही है। गरीबी मुक्त उत्तर प्रदेश, प्रतिभासंपन्न और निपुण युवाओं को रोजगार के अवसर तथा अन्नदाताओं को सहारा देने के प्रयास किए जा रहे हैं। बेटियों को बेटों के समान आगे बढ़ने का अवसर देना भी लोककल्याण की भावना का हिस्सा है।
सीएम योगी ने कहा कि गीता में श्रीकृष्ण ने कर्म, ज्ञान और कर्तव्य का मार्ग दिखाया। उनका यह संदेश किसी एक युग तक सीमित नहीं है, बल्कि हर काल और हर समाज के लिए प्रासंगिक है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की धरती श्रीकृष्ण की लीलाओं और संदेशों की पावन भूमि है। मथुरा, गोकुल, वृंदावन, गोवर्धन, बरसाना और नंदगांव सनातन सांस्कृतिक चेतना के जीवंत केंद्र हैं। जन्माष्टमी के अवसर पर प्रदेशवासियों को अपनी विरासत के संरक्षण और सामाजिक समरसता का संकल्प लेना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे भगवान श्रीकृष्ण के सत्य, धर्म, कर्म और लोकमंगल के संदेश को जीवन में उतारें और विकसित एवं गौरवशाली उत्तर प्रदेश के निर्माण में अपना योगदान दें।
