न्यूज़ डेस्क, लखनऊ
लखनऊ। पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री और भाजपा नेता कौशल किशोर के हालिया बयानों और सोशल मीडिया पोस्ट ने उत्तर प्रदेश की सियासत में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। लंबे समय से जमीनी राजनीति में सक्रिय कौशल किशोर ने लोकसभा चुनाव में अपनी हार को लेकर पार्टी के ही कुछ लोगों पर भितरघात का आरोप लगाया है।
कौशल किशोर का कहना है कि लोकसभा चुनाव के दौरान उन्हें भाजपा के ही कुछ लोगों का साथ नहीं मिला। उन्होंने दावा किया कि सपा प्रत्याशी के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश की गई। उनका यह भी कहना है कि सीतापुर की सिधौली विधानसभा सीट पर उन्हें करीब 55 हजार मत कम मिले, जिसे वह भितरघात से जोड़कर देखते हैं। उनके मुताबिक, उन्होंने इस संबंध में नाम लेकर शिकायत भी की, लेकिन संबंधित लोगों पर कार्रवाई नहीं हुई।
सोशल मीडिया पोस्ट से फिर चर्चा में आए कौशल
मंगलवार को कौशल किशोर की एक सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा का विषय बन गई। उन्होंने एक मित्र के साथ हुई बातचीत का हवाला देते हुए लिखा कि गेंद जितनी ऊपर जानी थी, जा चुकी है और अब नीचे आ रही है। उन्होंने आगे लिखा कि नीचे आने की रफ्तार भी बढ़ती जा रही है और इसे कोई कम नहीं कर सकता।
पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ लोगों ने इसे भाजपा की मौजूदा राजनीति से जोड़कर देखा।
हालांकि, कौशल किशोर ने स्पष्ट किया कि उनकी पोस्ट भाजपा को लेकर नहीं थी। उन्होंने कहा कि उन्होंने भाजपा के खिलाफ कभी कोई शब्द नहीं बोला। उनके मुताबिक, जो व्यक्ति या संगठन अपने सिद्धांतों पर नहीं चलता, उसका पतन तय है।
दल बदलने के सवाल पर क्या बोले?
कौशल किशोर से जब दल बदलने की संभावनाओं को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने इससे इनकार करते हुए खुद को भाजपा का कर्मठ कार्यकर्ता बताया। उन्होंने कहा कि जहां पार्टी की ओर से बुलाया जाता है, वह वहां जाते हैं और जहां नहीं बुलाया जाता, वहां नहीं जाते।
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा से उनका जुड़ाव कायम है। उनकी पत्नी जयदेवी मलिहाबाद विधानसभा सीट से भाजपा विधायक हैं।
कम्युनिस्ट राजनीति से शुरू हुआ था सफर
कौशल किशोर की राजनीतिक यात्रा कम्युनिस्ट विचारधारा से शुरू हुई थी। बाद में उन्होंने राष्ट्रवादी कम्युनिस्ट पार्टी बनाई। वर्ष 2002 में उन्होंने मलिहाबाद विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा और विधायक बने।
इसके बाद वह मुलायम सिंह यादव की सरकार में श्रम राज्यमंत्री भी रहे। वर्ष 2014 में वह भाजपा में शामिल हुए और मोहनलालगंज सुरक्षित लोकसभा सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतकर संसद पहुंचे। इसके बाद 2019 में भी उन्होंने इसी सीट से जीत दर्ज की।
7 जुलाई 2021 से 11 जून 2024 तक वह केंद्र सरकार में आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय में राज्य मंत्री रहे।
13 सितंबर को आत्मसम्मान समारोह
कौशल किशोर ने 13 सितंबर को प्रेरणा स्थल पर आत्मसम्मान समारोह आयोजित करने की घोषणा की है। उनका दावा है कि कार्यक्रम में उन लोगों को शामिल किया जाएगा, जिन्हें लंबे समय से न्याय नहीं मिला है।
कौशल इसे गैरराजनीतिक कार्यक्रम बता रहे हैं और उनका कहना है कि इसमें सभी वर्गों के लोगों को आमंत्रित किया गया है। ऐसे में 13 सितंबर का यह कार्यक्रम उनकी राजनीतिक सक्रियता और भविष्य की रणनीति के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।
