रिपोर्ट- प्रिया बाजपेयी शुक्ला
लखनऊ में सोमवार सुबह तेज बारिश के बीच 50 से अधिक अभ्यर्थियों ने डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के आवास के बाहर प्रदर्शन किया। अलग-अलग जिलों से पहुंचे युवा लाइब्रेरियन के पदों पर नई भर्ती निकालने की मांग को लेकर सुबह करीब 7 बजे आवास के बाहर पहुंच गए। अभ्यर्थी करीब ढाई घंटे तक मुलाकात की मांग को लेकर वहां डटे रहे।
अभ्यर्थियों का कहना है कि 2016 के बाद से लाइब्रेरियन के पदों पर भर्ती नहीं हुई है। इससे पहले भी वे उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) के मुख्यालय के बाहर कई बार प्रदर्शन कर चुके हैं। उनका आरोप है कि कई जगह लाइब्रेरी साइंस की डिग्री नहीं रखने वाले लोगों से काम कराया जा रहा है, जबकि संबंधित डिग्री हासिल कर चुके युवा लंबे समय से नौकरी का इंतजार कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों ने PET-2025 के आधार पर लाइब्रेरियन के पदों पर नई भर्ती निकालने की मांग की है।
डिप्टी सीएम ने आयोग अध्यक्ष से कराई थी बात
प्रदर्शन के दौरान डिप्टी सीएम बृजेश पाठक जब अपने आवास से बाहर निकले तो अभ्यर्थियों ने उनके सामने अपनी मांग रखी। कुछ युवाओं ने हाथ जोड़कर उनसे नौकरी की मांग की और उनके पैर भी छुए।
अभ्यर्थियों ने बताया कि वे इससे पहले 25 अगस्त को भी डिप्टी सीएम से मिलने पहुंचे थे। उस दौरान उन्होंने UPSSSC के अध्यक्ष से फोन पर बातचीत कराई थी, लेकिन अभ्यर्थियों के मुताबिक उस वार्ता का कोई ठोस नतीजा नहीं निकला।
‘हर बार मिलता है सिर्फ आश्वासन’
प्रयागराज से आईं अभ्यर्थी शुभम तिवारी ने बताया कि लाइब्रेरियन भर्ती की मांग को लेकर युवा लंबे समय से प्रदर्शन कर रहे हैं। उनके मुताबिक 14 मई, 2 जून और 19 जून 2026 को भी अभ्यर्थियों ने पिकप भवन के बाहर प्रदर्शन किया था। उनका कहना है कि वहां अधिकारियों से मुलाकात नहीं हो पाती और कर्मचारी ही अभ्यर्थियों से बातचीत करते हैं।
अभ्यर्थियों के अनुसार, अधिकारियों की ओर से बताया गया था कि लाइब्रेरियन के 362 पदों की अधियाचना मिल चुकी है। इसके बावजूद हर बार अगले महीने भर्ती जारी होने का आश्वासन देकर मामला आगे बढ़ा दिया जाता है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि 2016 में पिछली भर्ती के बाद से उन्होंने लाइब्रेरी साइंस की पढ़ाई और डिग्री पूरी की, लेकिन अब तक उन्हें रोजगार का अवसर नहीं मिला है। उन्होंने सरकार से जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है।
