रिपोर्ट अचल प्रताप सिंह बरेली
बरेली। प्यास बुझाने के लिए खरीदा जा रहा बोतलबंद पानी ही सेहत के लिए खतरा बन गया। खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में चनेहटी स्थित भारत इंटरप्राइजेज में पैक होने वाला क्लासिक प्योर ब्रांड का पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर अधोमानक और असुरक्षित पाया गया। पानी के नमूने में कॉलिफॉर्म बैक्टीरिया के साथ यीस्ट और मोल्ड भी मिले हैं। इसके बाद संबंधित बैच की बिक्री पर रोक लगा दी गई है और निर्माता फर्म का खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है।
24 जून को लिया गया था नमूना
खाद्य सुरक्षा विभाग के सचल दल ने 24 जून को चनेहटी स्थित भारत इंटरप्राइजेज से क्लासिक प्योर पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर का नमूना लिया था। इसे जांच के लिए राजकीय खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला, लखनऊ भेजा गया था। 14 जुलाई को आई जांच रिपोर्ट में पानी की गुणवत्ता को लेकर गंभीर खामियां सामने आईं।
पानी में मिले कॉलिफॉर्म, यीस्ट और मोल्ड
प्रयोगशाला रिपोर्ट के मुताबिक पानी के नमूने में कॉलिफॉर्म बैक्टीरिया के साथ यीस्ट और मोल्ड की मौजूदगी पाई गई। खाद्य सुरक्षा विभाग ने इसे मानव उपयोग के लिए असुरक्षित माना है। दूषित पानी का सेवन स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का कारण बन सकता है।
टीडीएस और खनिजों की मात्रा भी मानक से अलग
जांच के दौरान पानी में टीडीएस, मैग्नीशियम और कैल्शियम की मात्रा भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं मिली। इन कमियों के आधार पर नमूने को अधोमानक और असुरक्षित घोषित किया गया।
बैच CP-02 की बिक्री पर रोक
जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद सहायक आयुक्त खाद्य-द्वितीय ने क्लासिक प्योर के बैच नंबर CP-02 की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी। संबंधित निर्माता फर्म का खाद्य लाइसेंस भी निलंबित कर दिया गया है। अब इस बैच के पानी की बाजार में बिक्री और वितरण प्रतिबंधित रहेगा।
