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यूपी में पर्यटन सुविधाओं का होगा मेगा अपग्रेड, 75 जिलों में तैयार होगा ‘टूरिज्म मैट्रिक्स’

रिपोर्ट: प्रिया बाजपेयी शुक्ला

लखनऊ। वर्ष 2025 में देश में सबसे ज्यादा घरेलू पर्यटकों को आकर्षित करने के बाद उत्तर प्रदेश अब पर्यटन सुविधाओं को भी उसी गति से मजबूत करने की तैयारी में है। प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर उपलब्ध सुविधाओं की मैपिंग कराई जाएगी। इसके आधार पर जिलेवार ‘टूरिज्म मैट्रिक्स’ तैयार किया जाएगा।

इस मैट्रिक्स में पर्यटन स्थलों तक सड़क संपर्क, परिवहन व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था, यात्री शेल्टर, रैंप, हिंदी-अंग्रेजी साइनेज, पर्यटक सुविधा केंद्र और पर्यटन कार्यालय समेत कई सुविधाओं की जानकारी दर्ज की जाएगी। इसका पूरा ब्योरा एक समर्पित डैशबोर्ड पर उपलब्ध रहेगा। इससे पर्यटन स्थलों पर मौजूद कमियों की पहचान कर उन्हें योजनाबद्ध तरीके से दूर किया जा सकेगा।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह की अध्यक्षता में लखनऊ में हुई पर्यटन एवं संस्कृति विभाग और उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की समीक्षा बैठकों में इस योजना पर विस्तार से चर्चा हुई। विभाग ने इसके लिए प्रोफार्मा तैयार किया है और क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारियों को निर्धारित मानकों के अनुसार जानकारी जुटाने के निर्देश दिए गए हैं।

पर्यटकों की बढ़ती संख्या के साथ सुविधाएं भी हों बेहतर

मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख घरेलू पर्यटन गंतव्यों में तेजी से उभर रहा है और यहां पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में पर्यटक सुविधाओं और सेवाओं का विकास भी उसी रफ्तार से किया जाना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि टूरिज्म मैट्रिक्स के जरिए प्रत्येक पर्यटन स्थल की वास्तविक जरूरतों का आकलन किया जा सकेगा। इससे सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक पर्यटन के लिए बेहतर योजनाएं तैयार करने में मदद मिलेगी।

575 परियोजनाओं में शिलालेख और बारकोड

बैठक में पर्यटन स्थलों पर शिलालेख और बारकोड लगाने की प्रगति की भी समीक्षा की गई। वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वीकृत 575 परियोजनाओं में इसका प्रावधान किया गया है।

मैनपुरी, फिरोजाबाद, प्रयागराज और अयोध्या के कई धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर शिलालेख लगाए जा चुके हैं। अन्य परियोजनाओं में भी बारकोडयुक्त शिलालेख लगाए जा रहे हैं। इसके जरिए पर्यटकों को संबंधित स्थल के इतिहास और अन्य जानकारी आधुनिक एवं सुविधाजनक तरीके से उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।

75 जिलों में होगा ‘संस्कृति उत्सव’

प्रदेश के सभी 75 जिलों में ‘संस्कृति उत्सव’ आयोजित करने के प्रस्ताव पर भी बैठक में चर्चा हुई। युवा पर्यटन क्लब और सांस्कृतिक क्लबों के माध्यम से स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों, खासकर जेन-जी और जेनरेशन अल्फा को नृत्य, नाटक और संगीत जैसी गतिविधियों से जोड़ा जाएगा।

उभरती प्रतिभाओं की पहचान कर युवा कलाकारों को मंच देने की भी योजना है। अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने संस्कृति विभाग को इस संबंध में व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

अक्टूबर तक चलेगा सेवा संकल्प अभियान

संग्रहालय विकास योजना, संग्रहालयों, सांस्कृतिक केंद्रों और पांडुलिपि संरक्षण परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक प्रस्तावित सेवा संकल्प अभियान के तहत संस्कृति विभाग की ओर से ‘नमो सेवा गाथा’ नुक्कड़ नाटक आयोजित किए जाएंगे।

पर्यटन और संस्कृति विभाग संयुक्त रूप से चयनित स्मारकों और पर्यटन स्थलों पर लेजर शो भी आयोजित करेंगे।

‘वासुदेव वाटिका’ का 72 फीसदी काम पूरा

ब्रज तीर्थ विकास परिषद की बैठक में बताया गया कि गोकुल बैराज के पास विकसित की जा रही ‘वासुदेव वाटिका’ का करीब 72 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। इसे 15 दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से प्रेरित इस स्थल को सांस्कृतिक और मनोरंजन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। बैठक में गोकुल और बरसाना की पर्यटक सुविधाओं, गोवर्धन-वृंदावन परिक्रमा मार्ग, कुंडों के जीर्णोद्धार, पार्किंग और ब्रज की प्राकृतिक विरासत से जुड़े प्रोजेक्टों की भी समीक्षा की गई।

इसके अलावा राही पर्यटक आवास गृहों को प्रबंधकीय संविदा पर संचालित करने, जिला महोत्सवों की धनराशि, केंद्र सरकार की योजनाओं, लंबित प्रकरणों और अन्य विकास कार्यों की प्रगति भी देखी गई। संस्कृति विभाग में रिक्त पदों पर पदोन्नति और पुरातत्व संरक्षण कार्यों से जुड़े मामलों की भी समीक्षा हुई।

 

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