रिपोर्ट – प्रिया बाजपेयी शुक्ला
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आयुष इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी है। गुरुवार को लखनऊ के गोमतीनगर स्थित राजकीय मेडिकल होम्योपैथिक कॉलेज में आयुष छात्रों और चिकित्सकों ने प्रदर्शन कर अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। प्रदर्शन में होम्योपैथिक चिकित्सक संघ, आयुर्वेद चिकित्सक संघ और यूनानी चिकित्सक संघ से जुड़े प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया।
प्रदर्शनकारी डॉक्टरों की प्रमुख मांग मौजूदा 7,500 रुपये मासिक स्टाइपेंड को बढ़ाकर 25 हजार रुपये करने की है। डॉक्टरों का कहना है कि इंटर्नशिप के दौरान वे केवल प्रशिक्षण लेने वाले छात्र नहीं होते, बल्कि मरीजों की देखभाल और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी कई जिम्मेदारियां भी निभाते हैं। ऐसे में उनके कार्य और जिम्मेदारियों के अनुरूप सम्मानजनक स्टाइपेंड दिया जाना चाहिए।
‘हम डॉक्टर हैं, मजदूर नहीं’ का लगाया नारा
प्रदर्शन के दौरान डॉक्टरों ने ‘हम डॉक्टर हैं, मजदूर नहीं’ जैसे नारे लगाकर अपनी नाराजगी जाहिर की। उनका कहना था कि स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है, लेकिन अब तक इस पर कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया गया है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इंटर्नशिप के दौरान अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में उन्हें मरीजों से जुड़े काम करने पड़ते हैं। इसके बावजूद उन्हें मिलने वाला स्टाइपेंड उनकी जिम्मेदारियों के अनुपात में काफी कम है। डॉक्टरों ने प्रशासन से इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करने की मांग की।
MBBS-BDS इंटर्न के स्टाइपेंड का दिया हवाला
आयुष इंटर्न डॉक्टरों ने MBBS और BDS इंटर्न के बढ़े हुए स्टाइपेंड का हवाला देते हुए समानता की मांग उठाई। उनका कहना है कि आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी चिकित्सा पद्धति से जुड़े इंटर्न डॉक्टर भी प्रशिक्षण के साथ स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान देते हैं। इसलिए स्टाइपेंड के मामले में उनके साथ भी समान दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए।
डॉक्टरों ने कहा कि 25 हजार रुपये मासिक स्टाइपेंड की मांग किसी अतिरिक्त सुविधा के तौर पर नहीं की जा रही है। यह प्रशिक्षण और सेवा के दौरान निभाई जा रही जिम्मेदारियों के अनुरूप भुगतान की मांग है।
‘अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा’
प्रदर्शनकारी डॉक्टरों ने कहा कि उनकी मांग लंबे समय से प्रशासन के सामने है, लेकिन अभी तक कोई स्पष्ट समाधान नहीं निकला है। उन्होंने प्रशासन से वार्ता कर जल्द से जल्द निर्णय लेने की अपील की।
डॉक्टरों का कहना है कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। सरकार को आयुष इंटर्न के स्टाइपेंड को बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग पर स्पष्ट और शीघ्र निर्णय लेना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान डॉक्टरों ने अपनी मांगों को लेकर एकजुटता भी दिखाई और समाधान नहीं होने पर आगे की रणनीति पर चर्चा की।
