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57,600 ग्राम पंचायतों में बनी डिजिटल लाइब्रेरी, गांव-शहर की दूरी हुई कम: सीएम योगी

 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डिजिटल युग ने गांव और शहर के बीच की दूरी को काफी कम कर दिया है। प्रदेश की 57,600 ग्राम पंचायतों में पुस्तकालय की व्यवस्था की गई है, जहां नेशनल बुक ट्रस्ट की पुस्तकें भी उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं और बच्चों को बेहतर संसाधन उपलब्ध कराकर उनकी प्रतिभा को सामने लाना है।

लखनऊ विश्वविद्यालय में आयोजित 5वें गोमती पुस्तक महोत्सव-2026 के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले ग्राम प्रधान गांव की व्यवस्था अपने घर से संचालित करता था। अब ग्राम सचिवालय की व्यवस्था विकसित की गई है। इनमें प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी के बैठने के साथ ग्रामीणों के लिए कॉन्फ्रेंस रूम और डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

सुविधा मिलने पर सामने आ रही प्रतिभा

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले युवाओं और ग्रामीणों को पर्याप्त प्लेटफार्म नहीं मिला, लेकिन उनकी प्रतिभा के कम उपयोग के लिए उनके बारे में गलत धारणाएं बनाई गईं। आज जब उन्हें सुविधाएं मिल रही हैं तो वही युवा और ग्रामीण अपनी क्षमता का बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।

उन्होंने चित्रकूट का उदाहरण देते हुए बताया कि एक विद्यालय की तीसरी कक्षा की छात्रा ने डिजिटल लाइब्रेरी का संचालन करके दिखाया और पाठ्यक्रम से संबंधित सामग्री भी प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले सुविधा उपलब्ध नहीं थी, इसलिए बच्ची अपनी क्षमता प्रदर्शित नहीं कर पा रही थी। संसाधन मिलने के बाद उसमें आत्मविश्वास आया और उसने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

ऑपरेशन कायाकल्प से बदली स्कूलों की तस्वीर

सीएम योगी ने बेसिक और माध्यमिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले कई स्कूलों के भवन और व्यवस्थाएं जर्जर स्थिति में थीं। उन्होंने कहा कि जब सरकारें ही जर्जर थीं तो सिस्टम का जर्जर होना स्वाभाविक था।

प्रदेश में ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से स्कूलों की तस्वीर बदली गई। स्कूल भवनों का निर्माण और सुधार किया गया तथा स्मार्ट क्लास जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। इससे बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण मिला है।

विरासत से जुड़कर बढ़ता है ज्ञान

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी व्यक्ति, समाज या राष्ट्र की क्षमता तब कमजोर होती है, जब वह अपनी विरासत और ज्ञान परंपरा से दूर होने लगता है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश भारतीय ज्ञान परंपरा का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है।

उन्होंने नैमिषारण्य, काशी और मुजफ्फरनगर के शुक्रतीर्थ का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश की धरती प्राचीन चिंतन, ज्ञान और संवाद की परंपरा से जुड़ी रही है। ज्ञान को सीमित दायरे में नहीं बांधना चाहिए और अलग-अलग विषयों व विचारों को समझने के लिए रास्ते खुले रखने चाहिए।

नेशनल बुक ट्रस्ट की पुस्तकों की सबसे बड़ी खरीदार यूपी सरकार

सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार नेशनल बुक ट्रस्ट की पुस्तकों की सबसे बड़ी खरीदार है। गांवों, स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में पुस्तकालय उपलब्ध कराने का काम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि पुस्तक मेले को केवल लखनऊ तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि इसे प्रदेश के अन्य हिस्सों तक भी ले जाने की जरूरत है। इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार पूरा सहयोग करेगी।

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