रिपोर्ट -प्रिया बाजपेई शुक्ला
लखनऊ में रविवार को पारस महा संघ की आत्म सम्मान रैली शुरू हो गई। राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल से शुरू हुई इस रैली में समान शिक्षा, रोजगारपरक शिक्षा, नशामुक्त समाज और अपराधमुक्त माहौल जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जा रहा है। रैली में संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल हो रहे हैं।
रैली में पारस महा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री कौशल किशोर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। मलिहाबाद की विधायक जयदेवी कौशल, मोहनलालगंज विधायक राजेश्वर सिंह समेत समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों के भी रैली में पहुंचने की जानकारी दी गई है।
आयोजकों के मुताबिक, रैली का उद्देश्य शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाना है। संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों से भी अपनी मांगों के साथ रैली में शामिल होने की अपील की गई है।
कौशल किशोर ने रैली के उद्देश्य को लेकर कहा था कि समान शिक्षा, नशामुक्त शिक्षा, अपराधमुक्त शिक्षा और रोजगारपरक शिक्षा के जरिए विकसित, आत्मनिर्भर और नशामुक्त भारत का निर्माण किया जा सकता है।
2027 से पहले राजनीतिक सक्रियता का संदेश देने की कोशिश
कौशल किशोर का मलिहाबाद, बीकेटी, सरोजनीनगर, मोहनलालगंज और सिधौली क्षेत्र में राजनीतिक प्रभाव माना जाता है। उनकी पत्नी जयदेवी कौशल मलिहाबाद से विधायक हैं।
2024 लोकसभा चुनाव में मोहनलालगंज सीट से हार के बाद आत्म सम्मान रैली को कौशल किशोर की राजनीतिक सक्रियता बढ़ाने और समर्थकों को दोबारा लामबंद करने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, यदि रैली में संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों, युवाओं तथा विभिन्न सामाजिक वर्गों की बड़ी भागीदारी होती है, तो इससे कौशल किशोर अपनी राजनीतिक पकड़ और जनाधार का संदेश देने में सफल हो सकते हैं। हालांकि, रैली की भीड़ को चुनावी समर्थन में बदलना उनके लिए अलग चुनौती होगी।
