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अधिवक्ताओं को हर साल 5 लाख तक कैशलेस इलाज, योगी सरकार का बड़ा ऐलान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के अधिवक्ताओं के लिए बड़ा ऐलान करते हुए हर साल 5 लाख रुपये तक कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की घोषणा की है। इस योजना का लाभ हाईकोर्ट और जिला अदालतों में सक्रिय रूप से प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ताओं को मिलेगा।

हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, इलाहाबाद के सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिवक्ता समाज देश के प्रबुद्ध वर्ग का महत्वपूर्ण हिस्सा है। स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर संविधान निर्माण और लोकतंत्र को मजबूत करने तक अधिवक्ताओं की अहम भूमिका रही है।

700 करोड़ की लागत से सुविधाओं का निर्माण

सीएम योगी ने बताया कि हाईकोर्ट में 10 हजार से अधिक अधिवक्ताओं के लिए करीब 700 करोड़ रुपये की लागत से चैंबर, मल्टीलेवल पार्किंग, डाइनिंग हॉल, कॉमन रूम और लाइब्रेरी जैसी सुविधाओं का निर्माण कराया गया है। चैंबर में फर्नीचर और उपकरण उपलब्ध कराने के लिए मुख्य न्यायमूर्ति के माध्यम से प्रस्ताव आने पर सरकार ने पूरा सहयोग देने का भरोसा दिया।

इसके अलावा कौशांबी, लखनऊ, कासगंज और श्रावस्ती समेत करीब एक दर्जन जिलों में अधिवक्ता चैंबर के निर्माण के लिए अलग से धनराशि उपलब्ध कराई गई है।

अधिवक्ता कल्याण निधि भी बढ़ी

मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिवक्ता कल्याण निधि की राशि 1.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये की गई है। अधिवक्ता की मृत्यु पर उनके परिजनों को मिलने वाली आर्थिक सहायता की आयु सीमा भी 60 से बढ़ाकर 70 वर्ष कर दी गई है।
<span;>400 विधि अधिकारियों को मिलेंगे टैबलेट
राज्य की ओर से जिला न्यायालय, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में पैरवी करने वाले विधि अधिकारियों की फीस में 50 फीसदी से अधिक की वृद्धि की गई है। वहीं, 400 राज्य विधि अधिकारियों को टैबलेट दिए जाएंगे, जिससे उन्हें न्यायालय से जुड़े मामलों की जानकारी तकनीक के माध्यम से मिल सकेगी।

10 जिलों में बनेंगे इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स

योगी ने कहा कि जिन 10 जिलों में जिला अदालतें किराये के भवनों में संचालित हो रही थीं, वहां इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। इनमें न्यायिक अधिकारियों के आवास के साथ अधिवक्ताओं के चैंबर, खेल सुविधाएं, इंडोर स्टेडियम और सस्ती कैंटीन की व्यवस्था भी होगी त्वरित न्याय के लिए पहले चरण में जिला स्तर पर 900 न्यायालयों के गठन को मंजूरी दी गई है।

फ्यूचर रेडी बार’ पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि साइबर क्राइम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा प्राइवेसी, डिजिटल कॉमर्स, फिनटेक, इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी और क्लाइमेट लिटिगेशन जैसे नए क्षेत्रों में अधिवक्ताओं को खुद को अपडेट करना होगा। उन्होंने कहा कि फ्यूचर रेडी बार ही फ्यूचर रेडी जस्टिस सिस्टम की मजबूत नींव रखेगा।सीएम ने कहा कि न्याय व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत आम आदमी का विश्वास है। इसके लिए समय पर न्याय, निष्पक्ष सुनवाई, पारदर्शिता और संस्थाओं की जवाबदेही जरूरी है।

समारोह में इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, वरिष्ठ न्यायमूर्ति अरिंदम सिन्हा, जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के कार्यालय, चैंबर और अधिवक्ता भवन की चाबी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश पाण्डेय और महासचिव अखिलेश शर्मा को सौंपी।

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