उत्तर प्रदेश में महिलाओं की यात्रा को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए ‘सारथी दीदी’ सेवा शुरू करने की तैयारी की जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रस्तावित इस पहल में महिला यात्रियों के लिए महिला चालकों की सुविधा के साथ यात्रा के दौरान सुरक्षा की 24×7 निगरानी का तंत्र विकसित किया जाएगा।
प्रस्तावित व्यवस्था में आपात स्थिति के लिए एसओएस बटन, लाइव लोकेशन ट्रैकिंग और 24×7 मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। जरूरत पड़ने पर पुलिस के साथ तत्काल समन्वय कर सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जाएगी। इसका उद्देश्य महिलाओं को वाहन में बैठने से लेकर गंतव्य तक पहुंचने तक सुरक्षित यात्रा का विकल्प देना है।
महिला ड्राइवरों को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण
‘सारथी दीदी’ पहल का एक प्रमुख उद्देश्य महिलाओं को परिवहन क्षेत्र में रोजगार से जोड़ना भी है। इसके तहत महिलाओं को ई-रिक्शा, दोपहिया वाहन और कैब चलाने का विशेष प्रशिक्षण देने की तैयारी है। इससे महिला यात्रियों को महिला चालक का विकल्प मिलेगा और महिलाओं के लिए ड्राइविंग को रोजगार के नए क्षेत्र के रूप में विकसित करने का अवसर भी मिलेगा।
24×7 निगरानी और पुलिस से समन्वय
महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए आपातकालीन एसओएस सुविधा और 24×7 मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम को व्यवस्था का हिस्सा बनाया जाएगा। यात्रा के दौरान किसी आपात स्थिति में सहायता तंत्र को सक्रिय किया जा सकेगा। प्रस्तावित महिला-केंद्रित सेवा में लाइव लोकेशन के जरिए यात्रा पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर पुलिस सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था होगी।
इससे उन परिवारों को विशेष सुविधा मिल सकती है, जिनकी बेटियां पढ़ाई, नौकरी या अन्य काम के सिलसिले में नियमित रूप से अकेले यात्रा करती हैं।
शहरों के साथ गांवों तक पहुंचेगी कैब सेवा
योगी सरकार भारत टैक्सी मॉडल को शहरों तक सीमित रखने के बजाय ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) को जोड़कर ग्रामीण स्तर पर राइड-हेलिंग और डिलीवरी सेवाओं का विस्तार करने की योजना है।
इसके जरिए गांवों से बाजार, अस्पताल, बस अड्डे, रेलवे स्टेशन या नजदीकी शहर तक आने-जाने के लिए डिजिटल माध्यम से वाहन सेवा उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा।
पैक्स नेटवर्क से ग्रामीण मोबिलिटी को जोड़ने की तैयारी
प्राथमिक कृषि ऋण समितियां अब तक मुख्य रूप से ग्रामीण ऋण और कृषि संबंधी गतिविधियों से जुड़ी रही हैं। प्रस्तावित मॉडल में इन्हें राइड-हेलिंग और डिलीवरी सेवाओं से जोड़ने की तैयारी है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में मौजूद सहकारी नेटवर्क का इस्तेमाल स्थानीय परिवहन और डिलीवरी सेवाओं के लिए भी किया जा सकेगा।
महिला सुरक्षा और रोजगार पर एक साथ फोकस
‘सारथी दीदी’ के प्रस्तावित मॉडल में महिला यात्री और महिला चालक दोनों को केंद्र में रखा गया है। एक ओर महिला यात्रियों को महिला चालक, एसओएस और निगरानी जैसी सुरक्षा सुविधाएं देने की तैयारी है, वहीं दूसरी ओर प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाओं को परिवहन क्षेत्र में रोजगार से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
इस तरह पहल के तहत महिला सुरक्षा, रोजगार, डिजिटल परिवहन और ग्रामीण कनेक्टिविटी को एक साथ जोड़ने की तैयारी है। शहरों से गांवों तक भारत टैक्सी मॉडल के विस्तार के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं के नए विकल्प विकसित किए जाने की दिशा में यह कदम महत्वपूर्ण हो सकता है।
