रिपोर्ट – अभिषेक मिश्रा
जुहारी देवी गर्ल्स पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज, कैनाल रोड के सभागार में शुक्रवार, 18 सितंबर 2026 को यूजीसी द्वारा अनुमोदित पत्रकारिता सर्टिफिकेट कोर्स का दीक्षारम्भ कार्यक्रम उत्साह और भव्यता के साथ आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार एवं राजनीतिक विश्लेषक पंकज प्रसून और विशिष्ट अतिथि भावना शुक्ला, चीफ मैनेजर दैनिक जागरण, कानपुर एवं सगिनी क्लब की ब्रांड हेड सहित महाविद्यालय प्रबंधन एवं शिक्षकों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
कार्यक्रम में सचिव प्रबंधतंत्र आशीष सिंह चौहान, संयुक्त मंत्री प्रबंधतंत्र अमित कुमार, सदस्य प्रबंधतंत्र अरुण कुमार चतुर्वेदी, प्राचार्या प्रो. रंजू कुशवाहा और कार्यक्रम संयोजिका प्रो. अलका द्विवेदी प्रमुख रूप से मौजूद रहीं। इसके बाद माता सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। संगीत विभाग की छात्राओं ने डॉ. आकांक्षा गुप्ता के निर्देशन में ‘जयति जय जय मां सरस्वती’ सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। सभी अतिथियों का स्वागत तुलसी का पौधा भेंट कर किया गया।
प्राचार्या प्रो. रंजू कुशवाहा ने स्वागत संबोधन में अतिथियों का अभिनंदन करते हुए कहा कि महाविद्यालय में यूजीसी अनुमोदित पत्रकारिता कार्यक्रम के पुनः प्रारंभ होने से उन्हें प्रसन्नता है। उन्होंने इस तरह के पाठ्यक्रमों की निरंतर प्रगति की कामना की।
कार्यक्रम संयोजिका एवं हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. अलका द्विवेदी ने पीपीटी के माध्यम से पत्रकारिता सर्टिफिकेट कोर्स की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ज्ञान जब तक जन-जन तक सुलभ नहीं होता, तब तक वह सामाजिक रूपांतरण का संवाहक नहीं बन सकता। उन्होंने बताया कि छह माह की अवधि वाले इस पाठ्यक्रम का कुल शुल्क 2,000 रुपये निर्धारित किया गया है, ताकि आर्थिक कारणों से कोई मेधावी विद्यार्थी पत्रकारिता की शिक्षा से वंचित न रहे। किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से कक्षा 12वीं उत्तीर्ण विद्यार्थी इस पाठ्यक्रम में शामिल हो सकता है।
उन्होंने पाठ्यक्रम के विभिन्न चरणों की जानकारी देते हुए पत्रकारिता के इतिहास और विकास यात्रा पर प्रकाश डाला। उदंत मार्तंड के ऐतिहासिक दौर से लेकर आधुनिक मल्टीमीडिया पत्रकारिता तक के सफर, लोकतंत्र में पत्रकारिता की भूमिका तथा प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल माध्यमों की कार्यप्रणाली को विद्यार्थियों के सामने रखा गया। इसके साथ ही फीचर लेखन, संपादकीय लेखन और साक्षात्कार की कला जैसे विषयों में प्रशिक्षण की जानकारी भी दी गई।
मुख्य वक्ता पंकज प्रसून ने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने अनुभव विद्यार्थियों के साथ साझा किए। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज की दबाई हुई आवाज को सामने लाने और लोकतंत्र के प्रहरी के रूप में व्यवस्था को उसकी जिम्मेदारियों का एहसास कराने का गंभीर माध्यम है। उन्होंने ‘अमृत प्रभात’, ‘दैनिक जागरण’ और ‘अमर उजाला’ जैसे प्रमुख समाचार पत्रों के साथ अपने करीब तीन दशकों के अनुभव साझा किए। साथ ही उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की राजनीतिक यात्राओं, चुनावी समीकरणों और जमीनी रिपोर्टिंग की बारीकियों पर भी चर्चा की।
विशिष्ट अतिथि भावना शुक्ला ने छात्राओं का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि मीडिया और ब्रांडिंग के दौर में सूचना का प्रवाह महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके साथ सत्यनिष्ठा, रचनात्मकता और उत्तरदायित्व भी जरूरी हैं। उन्होंने अपने 17 वर्षों से अधिक के अकादमिक, कॉर्पोरेट और मीडिया अनुभवों को साझा किया। उन्होंने ‘जागरण मैराथन’, ‘जागरण फिल्म फेस्टिवल’ और ‘जनहित जागरण’ जैसे अभियानों का उल्लेख करते हुए प्रिंट, डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की बदलती भूमिका पर प्रकाश डाला।
उन्होंने छात्राओं को पारंपरिक मीडिया के साथ-साथ डिजिटल मार्केटिंग, पॉडकास्टिंग और स्वतंत्र कंटेंट क्रिएशन के क्षेत्र में कौशल विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान सभागार की मंच सज्जा भी आकर्षण का केंद्र रही। इसे कल्पना गौड़ द्वारा तैयार किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षकगण, छात्राएं और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
