रिपोर्ट – दीपक जौहरी
झांसी। प्रेमनगर थाना क्षेत्र के नगरा हाट मैदान में 13 सितंबर की रात मिले परवेज अली के शव के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने हत्याकांड में शामिल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में प्रेमनगर थाने में तैनात एक सिपाही भी शामिल है। पुलिस के मुताबिक घटना में चार अन्य आरोपी भी शामिल हैं, जो फिलहाल फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
शुक्रवार को पुलिस लाइन सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में एसएसपी विकास कुमार ने बताया कि 13 सितंबर की रात नगरा हाट मैदान में एक युवक अचेत अवस्था में पड़ा मिला था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उसे उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान नहर के पास रहने वाले परवेज अली के रूप में हुई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके शरीर पर मारपीट के गंभीर निशान मिले। इसके बाद पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की।
कॉल डिटेल से सुकुवा-ढुकुवा कॉलोनी तक पहुंची पुलिस
पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड का विश्लेषण किया तो जांच की दिशा सुकुवा-ढुकुवा कॉलोनी की ओर बढ़ी। पुलिस के अनुसार घटना वाली रात परवेज अपने एक मित्र के घर पहुंचा था। रात करीब नौ बजे उसके मोबाइल पर साहिल का फोन आया। इसके बाद परवेज मित्र की बाइक से कॉलोनी के बाहर पहुंचा और साहिल की गाड़ी में बैठ गया। उसके आगे और पीछे एक-एक चार पहिया वाहन चल रहे थे।
एसएसपी के मुताबिक, परवेज के गाड़ी में बैठने से पहले ड्रग का नमूना देखने और लेने के लिए पांच हजार रुपये का ऑनलाइन लेनदेन भी हुआ था। गाड़ी के अंदर परवेज का वीडियो बनाने को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद उसके साथ मारपीट की गई।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों का उद्देश्य कथित तौर पर परवेज की हत्या करना नहीं, बल्कि ड्रग सप्लाई करते हुए उसका वीडियो बनाकर उससे अवैध वसूली करना था। मारपीट में गंभीर चोट लगने के बाद परवेज को नगरा हाट मैदान में फेंक दिया गया। पुलिस के मुताबिक जमीन पर गिरने से उसके सिर में भी गंभीर चोट आई, जिससे उसकी मौत हो गई।
सीसीटीवी फुटेज से सामने आई वारदात की कड़ी
सुकुवा-ढुकुवा कॉलोनी में मिले सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने घास मंडी निवासी प्रियांश, जुगियाना निवासी जय श्रीवास्तव, साहिल मिश्रा, बाग्ला घाट निवासी भूपेंद्र रायकवार, लक्ष्मीपुरम कॉलोनी निवासी यश शिवहरे और शनि नामदेव को हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने घटना में शामिल होने की बात स्वीकार की।
एसएसपी ने बताया कि आरोपियों में प्रेमनगर थाने में तैनात सिपाही आशीष सिंह भी शामिल है। वह मूल रूप से बांदा जिले के तिंदवारी का निवासी है। पुलिस ने सिपाही समेत सातों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
दांत से काटने के निशान के नमूने एफएसएल भेजे जाएंगे
एसएसपी के अनुसार परवेज के शरीर पर दांत से काटने के निशान भी मिले हैं। पुलिस का दावा है कि ये निशान भूपेंद्र और शनि द्वारा काटने से आए हैं। दोनों के नमूने लेकर फोरेंसिक जांच के लिए भेजे जा रहे हैं।
मामले में चार अन्य आरोपी अभी फरार हैं। पुलिस उनके खिलाफ साक्ष्य जुटाने के साथ गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। पुलिस के मुताबिक मृतक परवेज ड्रग सप्लाई के आरोप में जम्मू-कश्मीर में भी जेल जा चुका था। उसके आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिसकर्मी की भूमिका सामने आने के बाद संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय गोपनीय जांच भी शुरू कराई गई है
