रिपोर्ट – प्रिया बजपाई शुक्ला
लखनऊ। वेतन में असमानता के विरोध में सोमवार को प्रदेशभर के बॉन्डेड डॉक्टरों ने लखनऊ में डिप्टी सीएम एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक के आवास का घेराव किया। हाथों में पोस्टर लेकर पहुंचे डॉक्टरों ने ‘पाठक जी अपना वादा पूरा कीजिए’ के नारे लगाए और समान काम के लिए समान वेतन लागू करने की मांग की।
प्रदर्शनकारी डॉक्टरों का कहना है कि वे प्रदेश के अलग-अलग जिलों में सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में सेवाएं दे रहे हैं। सभी के पास समान MBBS की डिग्री और बॉन्ड है। उनकी सेवा भी समान है, लेकिन इसके बावजूद वेतन में बड़ा अंतर है।
डॉक्टरों के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्रों के CHC, PHC और अन्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में तैनात बॉन्डेड डॉक्टरों को करीब 50 से 55 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिल रहा है। वहीं, सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों में बॉन्ड सेवा कर रहे डॉक्टरों को करीब 1.10 लाख रुपये तक भुगतान किया जा रहा है।

2 सितंबर को मिला था मांग पूरी करने का आश्वासन
डॉक्टरों ने कहा कि 2 सितंबर को गांधी प्रतिमा पर प्रदर्शन के दौरान डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक बारिश के बीच उनसे मिलने पहुंचे थे। डॉक्टरों के मुताबिक, उस दौरान उन्होंने उनकी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया था। डॉक्टरों का कहना है कि 3 सितंबर को दोपहर 2 बजे तक शासनादेश जारी होने की बात कही गई थी।
प्रदर्शनकारी डॉक्टरों का आरोप है कि आश्वासन के 19 दिन बाद भी शासनादेश जारी नहीं हुआ है। इसी वजह से डॉक्टर एक बार फिर लखनऊ पहुंचे और डिप्टी सीएम को उनका वादा याद दिलाया।
14 महीने से मांग को लेकर लगा रहे चक्कर
प्रदर्शनकारी डॉक्टर अजय सोलंकी ने कहा कि वह उत्तर प्रदेश में मेडिकल ऑफिसर के तौर पर काम कर रहे हैं। उनके मुताबिक, बॉन्डेड डॉक्टर पिछले करीब 14 महीने से वेतन की विसंगति दूर करने की मांग को लेकर अधिकारियों और शासन के चक्कर लगा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि डॉक्टर अपना जिला छोड़कर लगातार लखनऊ आ रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ है। डॉक्टरों का कहना है कि जब डिप्टी सीएम ने खुद उनकी मांग पूरी करने का आश्वासन दिया था, तो अब वे बार-बार उन्हीं के पास अपनी बात रखने पहुंच रहे हैं।

दो साल की सरकारी सेवा या 10 लाख रुपये के बॉन्ड की शर्त
बॉन्ड सेवा के तहत डॉक्टरों को दो साल की अनिवार्य सरकारी सेवा करनी होती है। इसके अलावा 10 लाख रुपये के बॉन्ड की शर्त भी लागू है। डॉक्टरों की मांग है कि बॉन्ड सेवा की शर्तें समान होने के बावजूद वेतन में अंतर खत्म किया जाए और सभी बॉन्डेड डॉक्टरों के लिए समान वेतन लागू किया जाए। डॉक्टरों ने समान वेतन के साथ लंबित एरियर के भुगतान की भी मांग उठाई है।
