रिपोर्ट – प्रिया बाजपई शुक्ला
लखनऊ। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर आंदोलन तेज होता जा रहा है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर मंगलवार को बैंक कर्मचारियों ने काला बैज लगाकर काम किया। इसके बाद लखनऊ में स्टेट बैंक की मुख्य शाखा पर बैंक नेताओं ने धरना दिया। शाम पांच बजे कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में जुटकर प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग उठाई।
बैंक कर्मचारियों ने पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने, भेदभाव रहित पीएलआई योजना समेत अन्य लंबित मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। प्रदर्शन के दौरान बैंक नेताओं ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

फोरम के जिला संयोजक अनिल श्रीवास्तव ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से लगातार मांगों की अनदेखी किए जाने के कारण बैंक कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है। राज्य स्तरीय धरने की अगुवाई फोरम के सातों घटकों के बैंक नेताओं वाईके अरोड़ा, दिनेश कुमार सिंह, अजय पांडेय, एसके संगतानी, लक्ष्मण सिंह, वीके माथुर, संदीप सिंह, अशोक अग्रवाल और सचिन केशरवानी ने की।
धरने और प्रदर्शन में एसडी मिश्र, वीके सेंगर, शकील अहमद, नदीम सिद्दीकी, आरएन शुक्ला, विंध्य विक्रम, राकेश पाण्डेय, अनूप कुमार, भारती शर्मा, स्वाति सिंह, तारकेश्वर चौहान, धीरज सिंह, आशुतोष वर्मा, पुष्पेंद्र वर्मा, अनुषा दुबे, सुप्रिया गुप्ता, करुणेश शुक्ला, आकाश शर्मा, वीके श्रीवास्तव, अभिषेक श्रीवास्तव, गुरप्रीत सिंह, ओएन टंडन, शिव कुमार सिंह, आशीष वर्मा और एमजेड हसन समेत कई बैंक नेता मौजूद रहे।

फोरम के मीडिया प्रभारी अनिल तिवारी ने बताया कि 25 सितंबर को स्टेट बैंक की मुख्य शाखा पर प्रदर्शन और रैली आयोजित की जाएगी। इसके बाद 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिवसीय देशव्यापी बैंक हड़ताल का आह्वान किया गया है। ऐसे में महीने के अंतिम दिनों में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होने की संभावना है।
