Homeउत्तर प्रदेशबदायूं में ACMO पर पत्रकार को धमकाने का आरोप

बदायूं में ACMO पर पत्रकार को धमकाने का आरोप

रिपोर्ट – अजयपाल यादव, बदायू

बदायूं। उत्तर प्रदेश में अवैध क्लीनिकों पर कार्रवाई को लेकर सरकार सख्त होने के दावे कर रही है, लेकिन बदायूं के बिल्सी तहसील  क्षेत्र से सामने आया मामला स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

इस्लामनगर और नूरपुर पिनौनी में कथित फर्जी क्लीनिकों की शिकायत हुई। स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची। जांच भी हुई… लेकिन सवाल ये है कि क्या कार्रवाई भी हुई?

ग्रामीणों का आरोप है कि इन इलाकों में लंबे समय से बिना जरूरी डिग्री और पंजीकरण के क्लीनिक संचालित किए जा रहे हैं। शिकायत के बाद सोमवार को एसीएमओ के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची। लोगों को उम्मीद थी कि जांच के बाद अवैध क्लीनिकों पर सख्त कार्रवाई होगी।

लेकिन ग्रामीणों का दावा है कि टीम ने कुछ जगहों पर निरीक्षण कर औपचारिकता पूरी कर दी। न दस्तावेजों की विस्तृत जांच की गई, न दवाओं और रिकॉर्ड का सत्यापन सामने आया और न ही किसी क्लीनिक को सील किए जाने की जानकारी मिली।

यानी सवाल सीधा है—शिकायत हुई, टीम पहुंची, जांच हुई… लेकिन कार्रवाई कहां हुई?

इसी मामले में जब हमारे संवाददाता अजयपाल यादव ने एसीएमओ से कार्रवाई को लेकर सवाल पूछा तो आरोप है कि अधिकारी नाराज हो गए। पत्रकार के मुताबिक उन्हें कवरेज करने से रोका गया और कथित तौर पर धमकाया गया।

अब सवाल सिर्फ फर्जी क्लीनिकों की जांच का नहीं है। सवाल यह भी है कि एक पत्रकार अगर सरकारी कार्रवाई पर सवाल पूछता है तो उसे जवाब देने के बजाय कथित तौर पर धमकाने की जरूरत क्यों पड़ी?

अगर जांच पूरी तरह नियमों के मुताबिक हुई है, तो कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक करने में क्या परेशानी है?

और सबसे बड़ा सवाल—क्या इस्लामनगर और नूरपुर पिनौनी में कथित अवैध क्लीनिकों के खिलाफ वास्तव में सख्त कार्रवाई होगी?

क्या पत्रकार को धमकाने के आरोप की जांच होगी?और क्या स्वास्थ्य विभाग यह बताएगा कि जांच के दौरान कितने क्लीनिकों के दस्तावेजों की जांच की गई और कितनों पर कार्रवाई हुई?

इन सवालों के जवाब अभी बाकी हैं।

इस मामले में बदायूं के सीएमओ का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उपलब्ध जानकारी के अनुसार उनकी ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं मिली है। अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग इन आरोपों पर क्या जवाब देता है और कथित फर्जी क्लीनिकों के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई होती है।

 

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