रिपोर्ट – प्रिया बाजपेई शुक्ला
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर आंदोलन तेज हो गया है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय देशव्यापी बैंक हड़ताल का ऐलान किया है। इससे पहले 25 सितंबर को बैंक कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर देशभर में रैली निकालेंगे।
बैंक कर्मचारी पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने, भेदभाव रहित प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन योजना (PLI) समेत कई लंबित मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। यूनियनों ने मांगें पूरी नहीं होने पर अक्टूबर में अनिश्चितकालीन देशव्यापी हड़ताल की चेतावनी भी दी है।
लगातार पांच दिन बैंक बंद रहने की स्थिति
तीन दिवसीय हड़ताल से पहले 26 और 27 सितंबर को अवकाश है। ऐसे में लगातार कई दिनों तक बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होने की संभावना को देखते हुए केंद्र सरकार ने 27 सितंबर, रविवार को सभी सरकारी बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (RRB) को सामान्य रूप से खोलने का फैसला किया है।
वित्त मंत्रालय के अनुसार, ग्राहकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक ने भी बैंक शाखाओं, कार्यालयों, एटीएम से जुड़ी शाखाओं और करेंसी चेस्ट को 27 सितंबर को चालू रखने की मंजूरी दी है।
ग्राहकों को मिल सकती है राहत
सरकारी बैंकों के रविवार को खुले रहने से हड़ताल और अवकाश के बीच ग्राहकों को जरूरी बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। हालांकि, 28 से 30 सितंबर के दौरान प्रस्तावित हड़ताल का बैंकिंग सेवाओं पर असर पड़ सकता है।
