रिपोर्ट – प्रिया बाजपेई शुक्ला
लखनऊ। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत कार्यरत संविदा कर्मचारियों ने नियमितीकरण, समान कार्य के लिए समान वेतन, मानदेय बढ़ाने समेत विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी है। कर्मचारियों ने जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्साधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को छह सूत्रीय मांगों का ज्ञापन भेजा है।
संगठन ने सरकार को 3 अक्टूबर तक मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का समय दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि निर्धारित समय में मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ तो चरणबद्ध तरीके से आंदोलन किया जाएगा। इसके बाद 12 अक्टूबर से लखनऊ में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी गई है।
15 से 18 साल से सेवाएं देने का दावा
जिला अध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार पटेल और जिला महामंत्री शिव प्रताप सिंह के नेतृत्व में कर्मचारियों ने ज्ञापन सौंपा। संगठन का दावा है कि उत्तर प्रदेश में एक लाख से अधिक NHM संविदा कर्मचारी स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े हैं। इनमें कई कर्मचारी पिछले 15 से 18 वर्षों से ग्रामीण, दुर्गम क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों, जिला अस्पतालों और विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में सेवाएं दे रहे हैं।
कर्मचारियों ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान भी संविदा कर्मचारियों ने स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन, टीकाकरण और अन्य अभियानों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। इसके बावजूद लंबे समय से सेवा दे रहे कर्मचारियों की मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।
नियमितीकरण और समान वेतन की मांग
कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में लंबे समय से कार्यरत NHM संविदा कर्मियों का नियमितीकरण और समान कार्य के लिए समान वेतन लागू करना शामिल है। इसके साथ ही वर्तमान मानदेय में तत्काल बढ़ोतरी की मांग की गई है।
संगठन ने स्वास्थ्य विभाग में जिन पदों पर संविदा कर्मचारी काम कर रहे हैं, उन पदों का सृजन करने की भी मांग रखी है। कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवारों के लिए कम से कम 10 लाख रुपये की फैमिली फ्लोटर कैशलेस स्वास्थ्य बीमा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।
EPF, HRA और ग्रेच्युटी का लाभ देने की मांग
संविदा कर्मचारियों ने महंगाई भत्ता, ईपीएफ, एचआरए और ग्रेच्युटी का लाभ देने की मांग की है। इसके अलावा गैर जनपद स्थानांतरण नीति को बहाल करने और सेवाकाल में कर्मचारी की मृत्यु होने पर पात्र आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति देने की मांग भी की गई है।
आउटसोर्स कर्मचारियों को जिला स्वास्थ्य समिति में समायोजित करने तथा नियमित भर्तियों में NHM संविदा कर्मचारियों के लिए कम से कम 25 प्रतिशत कोटा निर्धारित करने की मांग भी रखी गई है।
5 अक्टूबर से चरणबद्ध विरोध, 12 अक्टूबर से हड़ताल की चेतावनी
संगठन के अनुसार, यदि 3 अक्टूबर तक मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती है तो 5 से 7 अक्टूबर तक कर्मचारी काला फीता बांधकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद 8 से 10 अक्टूबर तक जनपद मुख्यालयों पर शांतिपूर्ण कार्य बहिष्कार या कार्यविराम किया जाएगा।
कर्मचारियों ने कहा है कि इसके बाद भी मांगों का समाधान नहीं हुआ तो 12 अक्टूबर से लखनऊ में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। संगठन ने सरकार से आंदोलन की नौबत आने से पहले मांगों पर बातचीत कर समाधान निकालने की अपील की है।
