रिपोर्ट: अजय पाल यादव
बदायूं। जिले में अवैध क्लीनिकों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। सहसवान तहसील क्षेत्र के नाधा कस्बे में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कई कथित अवैध क्लीनिक लंबे समय से संचालित हो रहे हैं, लेकिन शिकायतों के बावजूद इनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सीएमओ कार्यालय के एक बाबू की कथित मिलीभगत के चलते नाधा में कई क्लीनिक बिना जरूरी डिग्री और पंजीकरण के संचालित हो रहे हैं। इनमें राधा रानी हेल्थ केयर सेंटर का नाम भी ग्रामीणों द्वारा लिया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
शिकायत के बाद भी कार्रवाई पर सवाल
ग्रामीणों के मुताबिक, अवैध क्लीनिकों की शिकायत मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंचती है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल औपचारिकता पूरी कर लौट जाती है। आरोप है कि क्लीनिकों के दस्तावेजों की विस्तृत जांच, दवाओं और मरीजों से संबंधित रिकॉर्ड का सत्यापन तथा अन्य जरूरी प्रक्रियाएं प्रभावी ढंग से नहीं की जाती हैं।
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि यदि किसी क्लीनिक के संचालन में अनियमितता सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन अब तक कई मामलों में सख्त कदम नहीं उठाए गए हैं।
मरीजों की सुरक्षा को लेकर चिंता
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि बिना आवश्यक योग्यता और पंजीकरण के चिकित्सा सेवाएं देने वाले केंद्रों से मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित क्लीनिकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
अब सवाल यह है कि नाधा कस्बे में संचालित बताए जा रहे इन क्लीनिकों के दस्तावेजों और पंजीकरण की जांच कब होगी और यदि नियमों का उल्लंघन मिलता है तो स्वास्थ्य विभाग क्या कार्रवाई करता है।
