रिपोर्ट – शिवाकांत पाण्डेय
कुशीनगर। नरायणी नदी का जलस्तर बढ़ने से कुशीनगर जिले में बाढ़ का संकट गहरा गया है। नदी का पानी हरिहरपुर, मरचहवा, शिवपुर, महदेवा और सालिकपुर समेत कई निचले इलाकों में पहुंच गया है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं।

जिलाधिकारी संजय चौहान और एडीएम पवन कुमार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। अधिकारियों ने छितौनी तटबंध और विरभार ठोकर का भी निरीक्षण किया। तटबंधों की सुरक्षा को लेकर संबंधित अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

बताया गया कि सुबह करीब 6:35 बजे चार लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने की जानकारी मिली है। पानी अब जनपद की सीमा के पास पहुंच रहा है। बाढ़ से करीब 1400 परिवार प्रभावित हुए हैं, जबकि लगभग 600 परिवारों को सुरक्षित रूप से तटबंध पर शिफ्ट किया गया है।

प्रभावित लोगों के लिए प्रशासन की ओर से भोजन और रहने की व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए हेल्थ कैंप भी लगाए गए हैं। राहत एवं बचाव कार्यों में PAC फ्लड वाहिनी और SDRF की टीमें तैनात हैं। राजस्व, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
जिलाधिकारी संजय चौहान ने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता जनहानि और पशुहानि को रोकना है। किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए प्रभावित लोगों को तत्काल राहत देने और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
संजय चौहान, जिलाधिकारी कुशीनगर
