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कम उम्र में हार्ट अटैक के बढ़ते मामले चिंताजनक, बचाव पर देना होगा जोर: ब्रजेश पाठक

न्यूज डेस्क, लखनऊ 

लखनऊ।बदलती जीवनशैली और खानपान की गलत आदतों के कारण कम उम्र के लोगों में भी हार्ट अटैक और अन्य जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है।

इससे बचाव के लिए लोगों को अपनी दिनचर्या में बदलाव करने, संतुलित भोजन अपनाने और नियमित व्यायाम पर ध्यान देने की जरूरत है। यह बात उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने शनिवार को लखनऊ में आयोजित ‘द वीक मेटाबॉलिक हेल्थ समिट-2026’ में कही।

समिट के उत्तर प्रदेश संस्करण में ‘बिल्डिंग ए हेल्दियर यूपी फॉर टुमॉरो: फ्रॉम विजन टू एक्शन’ विषय पर मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए ब्रजेश पाठक ने कहा कि अब उम्र बढ़ने के साथ होने वाली कई बीमारियां कम उम्र के लोगों में भी देखने को मिल रही हैं।

मोटापा, असंतुलित खानपान, शारीरिक निष्क्रियता और मानसिक तनाव इसके प्रमुख कारणों में शामिल हैं। ऐसे में केवल बीमारियों का इलाज करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी रोकथाम के लिए भी व्यापक स्तर पर प्रयास करने होंगे।

खानपान में सुधार और नियमित व्यायाम जरूरी

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ रहने के लिए लोगों को अपने खानपान और शरीर की जरूरतों के प्रति जागरूक होना चाहिए। भोजन की मात्रा और कैलोरी का ध्यान रखने के साथ कार्बोनेटेड सॉफ्ट ड्रिंक्स और एनर्जी ड्रिंक्स के अत्यधिक सेवन से बचना चाहिए। संतुलित आहार और नियमित शारीरिक गतिविधियां मोटापे समेत कई स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने में मदद कर सकती हैं।

उन्होंने कहा कि स्वस्थ रहने के लिए जिम जाना या कठिन व्यायाम करना ही जरूरी नहीं है। तेज कदमों से पैदल चलना, सीढ़ियां चढ़ना और घर के सामान्य काम करना भी शरीर को सक्रिय रखने में सहायक हैं। हर उम्र के लोगों को अपनी क्षमता के अनुसार नियमित शारीरिक गतिविधियों को दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए।

 अस्पतालों में इलाज के साथ बचाव पर भी जोर

ब्रजेश पाठक ने कहा कि अस्पतालों में मरीजों के इलाज के साथ उन्हें बीमारियों से बचाव के उपायों की जानकारी देने की व्यवस्था भी विकसित की जानी चाहिए। इसके लिए ऐसे स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती पर विचार किया जा सकता है, जो लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करें।

उन्होंने समाचार पत्रों, पत्रिकाओं, टेलीविजन और सोशल मीडिया के माध्यम से जनजागरूकता अभियान चलाने की जरूरत बताई। साथ ही चिकित्सा विशेषज्ञों से स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार को सुझाव देने की अपील की। उन्होंने कहा कि जनस्वास्थ्य में सुधार के लिए उपयोगी सुझावों पर सरकार सकारात्मक रूप से विचार करेगी।

 डेंगू-मलेरिया की रोकथाम में जनभागीदारी जरूरी

उप मुख्यमंत्री ने इंसेफेलाइटिस, मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों की रोकथाम के लिए भी लोगों से सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि घरों और आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई बनाए रखना तथा पानी जमा नहीं होने देना बेहद जरूरी है।

उन्होंने कूलर के पानी को नियमित रूप से बदलने और बेकार पड़े टायरों व अन्य स्थानों पर पानी जमा होने से रोकने पर जोर दिया, ताकि मच्छरों के पनपने की संभावना कम की जा सके।

ब्रजेश पाठक ने कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए सरकार के प्रयासों के साथ आम लोगों की भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस तरह के आयोजनों से नीति-निर्माताओं और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के बीच संवाद बढ़ेगा तथा प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

कार्यक्रम में केजीएमयू की कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद, द वीक के चीफ एसोसिएट एडिटर रियाद और द वीक दिल्ली की ब्यूरो चीफ नम्रता बीजी आहूजा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

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