रिपोर्ट: अजय पाल यादव
बदायूं। उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के जरीफनगर थाना क्षेत्र में पागल कुत्ते के काटने के बाद एक गाय की मौत का मामला सामने आया है। किसान ने पशु चिकित्सा विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
वहीं, गाय का दूध पीने वाले परिवार के 18 सदस्यों ने रेबीज के खतरे की आशंका के चलते एहतियातन एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाई है। किसान ने पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर मामले की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

मामला जरीफनगर थाना क्षेत्र के धर्मपुर टप्पा वैश गांव का है। यहां के निवासी किसान विनोद कुमार के मुताबिक, 20 सितंबर को उनकी गाय को एक कुत्ते ने काट लिया था। इसके बाद उन्होंने दहगवां स्थित पशु अस्पताल को सूचना दी और गाय के इलाज की व्यवस्था करने का प्रयास किया।
किसान का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद सरकारी पशु चिकित्सक खुद मौके पर नहीं पहुंचे। उनके स्थान पर एक निजी सहयोगी को भेजा गया, जिसने गाय को एक इंजेक्शन लगाया और इसके लिए 500 रुपये लिए। किसान का कहना है कि गाय को आवश्यक उपचार और टीकाकरण की पूरी प्रक्रिया नहीं दी गई। इसके बाद उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई और अंततः उसकी मौत हो गई।
गाय की मौत के बाद परिवार के सदस्यों में रेबीज के संभावित खतरे को लेकर चिंता बढ़ गई। किसान के अनुसार, परिवार के 18 सदस्यों ने गाय का दूध पिया था। इसके बाद सभी को एहतियातन दहगवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया, जहां उन्हें एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाई गई।

पीड़ित किसान विनोद कुमार ने जरीफनगर थाना प्रभारी को प्रार्थना पत्र देकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने पशु चिकित्सा विभाग के संबंधित डॉक्टर और कर्मचारी की भूमिका की जांच करने तथा लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई करने की अपील की है।
फिलहाल, किसान की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और विभागीय पक्ष की जानकारी सामने आना बाकी है। मामले में जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
