नई दिल्ली। दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में शुक्रवार को सैकड़ों लोग बंगला साहिब गुरुद्वारे के पास जुटे। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च करने का ऐलान किया। प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी और कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की। जंतर-मंतर और बंगला साहिब के आसपास यातायात प्रभावित होने की आशंका के चलते ट्रैफिक एडवाइजरी भी जारी की गई।
यह प्रदर्शन ‘पीपल अगेंस्ट SIR’ गठबंधन के आह्वान पर आयोजित किया गया। इस मंच का गठन पिछले सप्ताह SIR के विरोध में विभिन्न संगठनों और लोगों को एकजुट करने के उद्देश्य से किया गया था। इसमें नागरिक समूहों, किसान यूनियनों, मजदूर संगठनों और महिला व युवा संगठनों को शामिल किया गया है। अर्थशास्त्री परकला प्रभाकर, अभिनेता प्रकाश राज और वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण के भी प्रदर्शन में शामिल होने की संभावना जताई गई थी।
पुलिस ने की बैरिकेडिंग, प्रदर्शनकारियों ने दिखाए विरोध के पोस्टर
प्रदर्शन के दौरान बंगला साहिब गुरुद्वारे के बाहर लोगों की भीड़ जुटी। पुलिस ने मार्च के रास्ते पर बैरिकेडिंग की और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी। प्रदर्शन में शामिल कई लोग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरोध वाले पोस्टर लेकर पहुंचे। कुछ प्रदर्शनकारियों के हाथों में तिरंगा भी दिखाई दिया। लेफ्ट संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं के भी प्रदर्शन में शामिल होने की जानकारी सामने आई।
ट्रैफिक जाम की आशंका, पुलिस की निगरानी बढ़ी
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, जंतर-मंतर और बंगला साहिब के आसपास बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने की संभावना को देखते हुए यातायात व्यवस्था पर विशेष नजर रखी जा रही है। इन इलाकों की सड़कों पर जाम लगने की आशंका है। वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले ट्रैफिक संबंधी निर्देशों का ध्यान रखें और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करें।
SIR के विरोध को एकजुट करने के लिए बना मंच
‘पीपल अगेंस्ट SIR’ का उद्देश्य विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण के विरोध में अलग-अलग संगठनों और नागरिक समूहों को एक मंच पर लाना है। प्रदर्शनकारियों ने चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर अपनी चिंताएं उठाईं। चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च के जरिए वे अपनी मांगें और आपत्तियां अधिकारियों तक पहुंचाना चाहते हैं।
प्रदर्शन के बीच दिल्ली पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन पर नजर बनी हुई है। मार्च की आगे की स्थिति और प्रदर्शनकारियों की मांगों पर संबंधित अधिकारियों की प्रतिक्रिया का इंतजार है।
