लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की 11 सीटों के लिए मंगलवार, 27 अक्टूबर को मतगणना शुरू हो गई। सुबह आठ बजे से प्रदेश के सात केंद्रों पर वोटों की गिनती कराई जा रही है। मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पूरी प्रक्रिया सीसीटीवी कैमरों और वीडियोग्राफी की निगरानी में संपन्न कराई जा रही है।
इन 11 सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान हुआ था। चुनाव में कुल 152 प्रत्याशियों ने अपनी किस्मत आजमाई है। अब सभी की निगाहें मतगणना के नतीजों पर टिकी हैं। प्रत्याशियों की जीत-हार का फैसला मतगणना पूरी होने के बाद होगा।
सात केंद्रों पर हो रही मतगणना
विधान परिषद चुनाव की मतगणना लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, झांसी, बरेली और गोरखपुर में कराई जा रही है। सभी केंद्रों पर प्रशासन ने शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतगणना के लिए पुलिस बल तैनात किया है।
आगरा में नवीन गल्ला मंडी परिसर में मतगणना शुरू हुई। वहीं, बरेली में आठ टेबलों पर मतों की गिनती जारी है। वाराणसी की पहड़िया मंडी में स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनावों के लिए अलग-अलग 15-15 टेबल लगाए गए हैं। यहां मतगणना के लिए 224 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
लखनऊ में रमाबाई आंबेडकर रैली मैदान में मतगणना केंद्र बनाया गया है। गोरखपुर में भी केंद्र के आसपास बैरिकेडिंग कर सुरक्षा बढ़ाई गई है।
55.24 प्रतिशत हुआ था मतदान
23 अक्टूबर को हुए मतदान में सभी 11 निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 55.24 प्रतिशत वोट पड़े थे। गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सबसे अधिक 79.01 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। वहीं, स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में आगरा में सर्वाधिक 51 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि लखनऊ खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में सबसे कम 38.02 प्रतिशत वोट पड़े थे।
मतगणना से एक दिन पहले गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के प्रेक्षक में भी बदलाव किया गया। भारत निर्वाचन आयोग ने आईएएस अधिकारी अभय सिंह को प्रेक्षक की जिम्मेदारी से मुक्त कर रिजर्व में रखा और उनके स्थान पर आईएएस अधिकारी प्रकाश बिंदु को नियुक्त किया।
अब मतगणना के साथ ही प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों की धड़कनें तेज हो गई हैं। चुनाव परिणामों को लेकर सभी की नजरें मतगणना केंद्रों से आने वाले अपडेट पर टिकी हैं।
