जहां आजकल जन्मदिन का जश्न अक्सर भव्य पार्टियों और दिखावे तक सीमित रह जाता है, वहीं वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी अब्दुल वहीद ने अपने 52वें जन्मदिन को सेवा, संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व का संदेश देने वाले आयोजन में बदल दिया। उन्होंने अपना जन्मदिन “सेवा दिवस” के रूप में मनाते हुए किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में मरीजों, उनके तीमारदारों और बच्चों के बीच पहुंचकर खुशियां बांटी।
विजय श्री फाउंडेशन की ओर से संचालित प्रसादम सेवा के सहयोग से न्यूरोलॉजी विभाग के सामने स्थित भोजनगृह में सैकड़ों मरीजों और उनके परिजनों को पौष्टिक भोजन एवं ताजे फलों का वितरण किया गया। इसके अलावा फाउंडेशन द्वारा संचालित रैन बसेरे में भी ठहरे लोगों के लिए भोजन सेवा का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर अस्पताल में इलाज करा रहे मरीजों के बच्चों को गुब्बारे, बिस्कुट, नमकीन, फल और अन्य उपयोगी सामग्री भेंट की गई। अब्दुल वहीद ने बच्चों के साथ समय बिताया, उनसे बातचीत की और उनके साथ भोजन भी किया। इस दौरान बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लौटती दिखाई दी।
कार्यक्रम में मौजूद कई तीमारदारों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में इंसानियत और संवेदनशीलता का संदेश देते हैं। उन्होंने अब्दुल वहीद के स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना भी की।
अब्दुल वहीद ने अपने कैसरबाग स्थित आवास पर भी जरूरतमंद लोगों को वस्त्र वितरित किए। उन्होंने कहा कि समाज के वंचित वर्ग की सहायता करना प्रत्येक सक्षम व्यक्ति की जिम्मेदारी है और वे लंबे समय से राशन, दवाइयां, वस्त्र तथा अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने का कार्य कर रहे हैं।
जन्मदिन के अवसर पर उन्होंने विजय श्री फाउंडेशन के रैन बसेरे के लिए एक बड़ा वाटर कूलर भी भेंट किया, ताकि मरीजों और उनके परिजनों को स्वच्छ एवं शीतल पेयजल उपलब्ध हो सके। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए 52 पौधे लगाने का संकल्प भी लिया।
विजय श्री फाउंडेशन के संचालक एवं समाजसेवी विशाल सिंह ‘फूडमैन’ ने अब्दुल वहीद को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि निस्वार्थ सेवा ही समाज को जोड़ने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने रैन बसेरे के लिए वाटर कूलर उपलब्ध कराने पर उनका आभार व्यक्त किया और समाज के सक्षम लोगों से जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आने की अपील की।
कार्यक्रम में देवेंद्र उर्फ सुमन, रामजी वर्मा, जितेंद्र, अभय अग्रवाल, इमरान कुरैशी, संजय गुप्ता, परवेज अख्तर, डॉ. आदर्श त्रिपाठी, जमील मालिक, मुजीब बेग, आरिफ मुकीम, मोहम्मद इकराम, अवधेश सोनकर, अमरजीत कुरील, सुरेंद्र सोनकर, तौसीफ आलम, तमजीद आलम सहित कई समाजसेवी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
अब्दुल वहीद का यह जन्मदिन केवल एक व्यक्तिगत उत्सव नहीं, बल्कि सेवा, मानवता और सामाजिक सरोकारों का ऐसा संदेश बनकर सामने आया, जिसने यह दिखाया कि किसी भी खुशी की सबसे बड़ी सार्थकता तब होती है, जब वह दूसरों के चेहरे पर मुस्कान बनकर पहुंचे।
