रिपोर्ट : – ममता भारद्वाज
आगरा। आगरा पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी संयुक्त कार्रवाई करते हुए शहर के करीब 100 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। डीजीपी राजीव कृष्ण के निर्देश और पुलिस आयुक्त के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान में सर्विलांस, एसओजी, साइबर सेल, साइबर थाना और काउंटर इंटेलिजेंस की टीमों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की।
पुलिस ने 1930 हेल्पलाइन और राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर दर्ज 178 शिकायतों का सत्यापन करने के बाद यह अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान पूछताछ के लिए 60 लोगों को हिरासत में लिया गया। मामले में आगरा के 16 अलग-अलग थानों में 16 मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क देश के 13 राज्यों में दर्ज साइबर ठगी की शिकायतों से जुड़ा हुआ है। पुलिस को करीब 50 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन के साक्ष्य मिले हैं। जांच में मैट्रिमोनियल फ्रॉड, ऑनलाइन गेमिंग फ्रॉड और म्यूल अकाउंट नेटवर्क का भी खुलासा हुआ है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर उन्हें साइबर ठगी के लिए इस्तेमाल करते थे। मामले में विदेशी कनेक्शन और मनी ट्रेल की भी जांच की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि हिरासत में लिए गए लोगों के खिलाफ अन्य राज्यों में भी साइबर अपराध के मुकदमे दर्ज हैं या नहीं।
फिलहाल बरामदगी, ठगी की रकम की रिकवरी और डिजिटल साक्ष्यों की जांच जारी है। हिरा
सत में लिए गए सभी लोग आगरा के निवासी बताए गए हैं और उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पश्चिमी आगरा के डीसीपी आदित्य कुमार ने बताया कि साइबर अपराध के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है।
