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बारिश ने किसानों का किया हाल बेहाल, पानी में डूबी बाजरा और धान की फसल

रिपोर्ट – अमित शुक्ला

ऐरवा कटरा। क्षेत्र में गुरुवार से रविवार तक रुक-रुककर हुई बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। लगातार बारिश के कारण कई गांवों में खेतों में जलभराव की स्थिति बन गई है। सैकड़ों बीघा खेत पानी में डूबने से बाजरा और धान की फसल प्रभावित हुई है। कई खेतों में तालाब जैसे हालात नजर आ रहे हैं।

ऐरवा कुईली निवासी राजा राम राठौर, कुअर राठौर, कल्लू बाथम, रवीश तिवारी, श्रीकृष्ण राठौर, गंगाराम जाटव, लिटिल मंसूरी, राजू बाथम, हरेंद्र सैनी, राजपाल, शिवम वर्मा, गौरव भारती, श्रीकृष्ण, अरविंद राजपूत और रामचंद्र राजपूत समेत कई किसानों के खेत जलमग्न बताए जा रहे हैं।

किसानों के मुताबिक, कुछ ही दिनों में बाजरा और धान की फसल तैयार होने वाली थी। फसल को देखकर किसानों के चेहरों पर खुशी लौटने लगी थी, लेकिन लगातार बारिश ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। कई खेतों में पानी इतना भर गया है कि फसलें पूरी तरह डूब गई हैं। बाजरे की बालियां पानी के भार से झुक गई हैं, वहीं धान की फसल भी जलमग्न हो गई है।

ऐरवा कटरा ब्लॉक क्षेत्र के ऐरवा टीकुर, लालपुर, फैजुल्लापुर, गुलालपुर, नगला वॉश, नगला इमलिया, नगला पहाड़ी, बरौना कला शेखूपुर, समायन, बेलझाली पटना, बेलझाली उमरेड़ी, रघुनाथपुर, रानीपुर दत्त, हरचंदापुर, ऊसरपाटी, सूरजपुर और जगतपुर समेत कई गांवों में खेतों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है।

किसानों को आशंका है कि यदि जल्द ही खेतों से पानी की निकासी नहीं हुई तो फसल पूरी तरह नष्ट हो सकती है। किसानों का कहना है कि खेती की लागत पहले ही लगातार बढ़ रही है। बीज, खाद, सिंचाई और मजदूरी पर बड़ी रकम खर्च करने के बाद यदि फसल बर्बाद हुई तो परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो जाएगा।

कई किसानों ने बताया कि फसल से होने वाली कमाई से किसी को बेटी की शादी करनी थी, किसी को घर बनवाना था, जबकि कुछ किसानों को परिवार के बीमार सदस्य का इलाज और बच्चों की पढ़ाई का खर्च निकालना था। ऐसे में खेतों में भरा पानी देखकर किसानों को अब परिवार के भविष्य की चिंता सताने लगी है।

किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित गांवों में खेतों का तत्काल निरीक्षण कराया जाए और फसल नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा दिलाया जाए। किसानों का कहना है कि समय रहते जल निकासी और आर्थिक सहायता की व्यवस्था नहीं की गई तो फसल के साथ-साथ उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति भी गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती है।

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