न्यूज डेस्क, लखनऊ
अयोध्या में दीपोत्सव-2026 को लेकर उत्साह बढ़ने लगा है। भगवान श्रीराम की नगरी को एक बार फिर भव्य तरीके से सजाया जा रहा है। इस बार रामनगरी 30 लाख दीपों की रोशनी से जगमगाने के लिए तैयार है। दीपोत्सव को यादगार बनाने के लिए प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से तैयारियां तेज कर दी गई हैं। राम की पैड़ी से लेकर प्रमुख घाटों, मंदिरों, चौराहों और सड़कों तक सजावट का काम चल रहा है।
दीपोत्सव के लिए घाटों पर दीप सजाने की व्यवस्था की जा रही है। वहीं, प्रमुख मार्गों और चौराहों को आकर्षक रोशनी से सजाया जा रहा है। जगह-जगह एलईडी स्क्रीन लगाई गई हैं, जिनके माध्यम से श्रद्धालु और पर्यटक धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद ले सकेंगे। रामनगरी के अलग-अलग हिस्सों में प्रकाश व्यवस्था के साथ आकर्षक सजावट भी की जा रही है।
इस बार दीपोत्सव में धार्मिक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी विशेष आकर्षण रहेंगी। भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रसंगों और भारतीय परंपराओं को विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से प्रदर्शित करने की तैयारी है। इससे अयोध्या पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को दीपोत्सव के साथ रामायण की सांस्कृतिक विरासत को करीब से देखने का अवसर मिलेगा।
श्रीराम मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या की अंतरराष्ट्रीय पहचान में भी इजाफा हुआ है। दीपोत्सव के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों के साथ विदेशों से भी पर्यटक रामनगरी पहुंच रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया से आए शेन जैसे पर्यटकों की मौजूदगी बताती है कि अयोध्या का यह आयोजन अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी लोगों को आकर्षित कर रहा है।
दीपोत्सव के मद्देनजर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर भी विशेष तैयारियां की जा रही हैं। श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम बनाने और प्रमुख स्थलों पर भीड़ प्रबंधन के लिए इंतजाम किए जा रहे हैं। घाटों और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर व्यवस्था बनाए रखने के लिए संबंधित विभागों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
लाखों दीपों की रोशनी, धार्मिक प्रस्तुतियों और भव्य सजावट के साथ अयोध्या एक बार फिर दीपोत्सव के जरिए अपनी सांस्कृतिक विरासत और परंपरा का संदेश देने के लिए तैयार है।
