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BSA लखनऊ पर 50 हजार का जमानती वारंट जारी…

उत्तर प्रदेश मानवाधिकार आयोग ने सुनवाई के दौरान अनुपस्थित रहने पर लखनऊ के बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने बीएसए लखनऊ पर 50 हजार रुपये का जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया है। यह वारंट पुलिस कमिश्नर, लखनऊ के माध्यम से तामील कराया जाएगा।

मामले की सुनवाई आयोग के सदस्य न्यायमूर्ति राजीव लोचन मेहरोत्रा की पीठ के समक्ष हुई। आयोग ने अगली सुनवाई 19 मई 2026 को निर्धारित की है और तब तक दोनों जिलों—लखनऊ और बहराइच—के बीएसए की उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।

क्या है पूरा मामला

लखनऊ और बहराइच के स्कूलों में ड्रेस सप्लाई करने वाली संस्था ‘भारतीय हरित खादी ग्रामोदय’ को पिछले पांच वर्षों से भुगतान नहीं मिला है। संस्था के अध्यक्ष विजय पांडेय ने आयोग में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि वर्ष 2019-20 और 2020-21 में ड्रेस आपूर्ति के बाद करीब 1.33 करोड़ रुपये बकाया हैं। भुगतान न मिलने से संस्था आर्थिक संकट से जूझ रही है।

सुनवाई में अनुपस्थिति पर सख्ती

आयोग ने 15 मार्च को दोनों जिलों के बीएसए को 16 अप्रैल को पेश होने का निर्देश दिया था। सुनवाई के दिन बहराइच के बीएसए अवकाश पर बताए गए, जबकि लखनऊ के बीएसए बिना सूचना के अनुपस्थित रहे। इसे गंभीरता से लेते हुए आयोग ने उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया।

आयोग के निर्देश

सुनवाई के दौरान बहराइच के खंड शिक्षा अधिकारी ने कहा कि संबंधित स्कूलों की सूची और वसूली योग्य राशि उपलब्ध कराई जाए तो वसूली प्रक्रिया में सहयोग किया जा सकता है। इस पर आयोग ने शिकायतकर्ता को सात दिन के भीतर सभी संबंधित स्कूलों की सूची और बकाया राशि का विवरण देने को कहा है।

साथ ही आयोग ने जिलाधिकारी बहराइच और पुलिस कमिश्नर लखनऊ को निर्देश दिए हैं कि अगली सुनवाई में दोनों जिलों के बीएसए की उपस्थिति हर हाल में सुनिश्चित कराई जाए।

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