भारत की चर्चित एडटेक कंपनी BYJU’S के फाउंडर Byju Raveendran की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। सिंगापुर की एक अदालत ने उन्हें कोर्ट की अवमानना का दोषी मानते हुए 6 महीने जेल की सजा सुनाई है। साथ ही उन पर 70,500 डॉलर (करीब 67.48 लाख रुपये) का जुर्माना भी लगाया गया है।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक अदालत ने बायजू रवींद्रन को तुरंत सरेंडर करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि उन्होंने अपनी संपत्तियों से जुड़ी जानकारी और दस्तावेज समय पर उपलब्ध नहीं कराए और कई बार आदेश दिए जाने के बावजूद अदालत के निर्देशों का पालन नहीं किया।
कोर्ट ने क्या कहा?
सिंगापुर कोर्ट के अनुसार बायजू रवींद्रन ने वर्ष 2024 से अपनी संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज छिपाए और Beeaar Investco Pte कंपनी में अपनी हिस्सेदारी से संबंधित रिकॉर्ड जमा नहीं किए। अदालत ने इसे गंभीर अवमानना माना।
कोर्ट ने आदेश दिया कि:
- बायजू रवींद्रन तुरंत सरेंडर करें
- 70,500 डॉलर का जुर्माना जमा करें
- Beeaar Investco Pte में हिस्सेदारी साबित करने वाले दस्तावेज तुरंत अदालत में पेश करें
सिंगापुर में कौन-सा केस चल रहा है?
बायजू रवींद्रन पहले से कई कानूनी विवादों में घिरे हुए हैं। अमेरिका में भी उन पर 1.2 अरब डॉलर से जुड़ा मामला चल रहा है।
सिंगापुर में यह केस कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (QIA) की सहायक कंपनी कतर होल्डिंग्स की ओर से दायर किया गया था। कंपनी ने BYJU’S में निवेश किया था और बाद में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाया।
कैसे शिखर से संकट में पहुंची BYJU’S?
एक समय BYJU’S देश की सबसे बड़ी एडटेक कंपनियों में गिनी जाती थी। कंपनी का वैल्यूएशन 22 अरब डॉलर से अधिक पहुंच गया था और टीम इंडिया की आधिकारिक स्पॉन्सर भी रही।
बायजू रवींद्रन की नेटवर्थ कभी 17 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा आंकी गई थी। लेकिन आक्रामक विस्तार, वित्तीय कुप्रबंधन, निवेशकों के साथ विवाद और बढ़ते कर्ज के कारण कंपनी भारी संकट में पहुंच गई।
अब कंपनी दिवालियापन की प्रक्रिया और कानूनी लड़ाइयों का सामना कर रही है, जबकि बायजू रवींद्रन की व्यक्तिगत संपत्ति भी लगभग खत्म होने की बात कही जा रही है।
