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जनगणना 2027: जाति और कोविड टीकाकरण समेत 40 सवाल, सरकार ने जारी किया नोटिफिकेशन

नई दिल्ली। केंद्र की मोदी सरकार ने शुक्रवार को जनगणना 2027 के दूसरे चरण यानी जनसंख्या गणना में पूछे जाने वाले करीब 40 सवालों की अधिसूचना जारी कर दी है। स्वतंत्र भारत में पहली बार जनगणना के सवालों में जाति, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति से जुड़ी जानकारी शामिल की गई है। इसके अलावा लोगों से कोविड-19 का टीका कहां से लगवाया गया था, इसकी जानकारी भी जुटाई जाएगी।

रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त मृत्यंजय कुमार नारायण की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, प्रश्नावली में ‘अनुसूचित जाति (एससी)/अनुसूचित जनजाति (एसटी)/जाति’ से जुड़ा सवाल शामिल है। गणनाकर्ता उत्तरदाता द्वारा बताई गई जाति को खुले कॉलम में उसी रूप में दर्ज करेंगे। सरकार के अनुसार, यह तरीका जुलाई 2026 में 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में किए गए प्री-टेस्ट के आधार पर अपनाया गया है।

CENSUS 2027 RELEASES NOTIFICATION

धर्म, भाषा और रोजगार से जुड़े सवाल भी शामिल

नई प्रश्नावली में धर्म, मातृभाषा और अन्य भाषाएं, साक्षरता एवं डिजिटल साक्षरता, व्यवसाय, आर्थिक गतिविधि और उद्योग, व्यापार या सेवा की प्रकृति से संबंधित जानकारी भी मांगी जाएगी।

इसके अलावा विवाहित, विधवा, तलाकशुदा और अलग रह रही महिलाओं से जुड़े जीवित बच्चों, कभी जन्म लिए बच्चों तथा पिछले एक साल में जन्मे बच्चों की संख्या से संबंधित जानकारी भी दर्ज की जाएगी। कोविड-19 टीकाकरण के स्थान के बारे में भी सवाल पूछा जाएगा।

पहचान संबंधी जानकारी भी मांगी जाएगी

प्रश्नावली में पहचान से जुड़ी कुछ जानकारियां भी शामिल हैं। इनमें कुल बैंक खातों की संख्या, मोबाइल नंबर, आधार नंबर, वोटर आईडी, भारतीय पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस की उपलब्धता से संबंधित जानकारी शामिल है।

प्रश्नावली में नाम, परिवार के मुखिया से संबंध, लिंग, जन्म तिथि, आयु, वैवाहिक स्थिति, विवाह की आयु, पति या पत्नी का नाम, राष्ट्रीयता, धर्म, जाति/जनजाति, माता-पिता की जानकारी, दिव्यांगता, शिक्षा, भाषा, आर्थिक गतिविधि और प्रवास से जुड़े सवाल भी शामिल किए गए हैं।

बर्फीले इलाकों में 1 सितंबर से शुरू होगी जनगणना

अधिसूचना के मुताबिक लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बर्फीले एवं असामान्य क्षेत्रों में जनगणना का काम 1 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक चलेगा। इससे पहले 17 से 31 अगस्त तक लोगों को ऑनलाइन स्व-गणना के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज करने की सुविधा दी जाएगी।

देश के बाकी हिस्सों में जनगणना का दूसरा चरण फरवरी 2027 में शुरू होगा। जनगणना का काम दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में मकानों और आवास से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी, जबकि दूसरे चरण में प्रत्येक व्यक्ति की जनसांख्यिकीय और सामाजिक-आर्थिक जानकारी दर्ज की जाएगी।

पहली पूर्ण डिजिटल जनगणना

जनगणना 2027 को स्वतंत्र भारत की पहली पूर्ण डिजिटल जनगणना बताया जा रहा है। सरकार के मुताबिक, इससे नीति निर्माण, सार्वजनिक सेवाओं के बेहतर लक्ष्यीकरण और देश की सामाजिक-आर्थिक स्थिति की व्यापक तस्वीर तैयार करने में मदद मिलेगी।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जनगणना के दौरान जुटाया गया व्यक्तिगत डेटा गोपनीय रहेगा और जनगणना अधिनियम के प्रावधानों के तहत संरक्षित होगा। गणना घर-घर जाकर प्रगणकों के माध्यम से या स्व-गणना पोर्टल के जरिए कराई जाएगी।

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