श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय द्वारा एसआईटी जांच पूरी होने के बाद सभी सवालों का जवाब देने संबंधी पत्र जारी करने के एक दिन बाद बुधवार सुबह ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी महाराज ने उनसे मुलाकात की। यह बैठक तीर्थ क्षेत्र भवन में बंद कमरे में हुई और इसे चंपत राय के पद छोड़ने के बाद दोनों नेताओं की पहली मुलाकात माना जा रहा है।
इस मुलाकात को ऐसे समय में अहम माना जा रहा है, जब राम मंदिर के दानपात्रों से जुड़े कथित चढ़ावा विवाद की जांच जारी है। हालांकि, बैठक के बाद दोनों पक्षों की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया।
इससे पहले चंपत राय ने एक पत्र जारी कर कहा था कि वह विशेष जांच दल (SIT) की जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले पर विस्तार से अपनी बात रखेंगे। उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि एसआईटी को भेजा गया उनका पत्र जांच रिकॉर्ड का हिस्सा बनाया जाए।
SBI और अनिल मिश्रा पर उठाए सवाल
एसआईटी को भेजे गए अपने पत्र में चंपत राय ने दान की गणना प्रक्रिया और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए ट्रस्ट के पूर्व सदस्य अनिल मिश्रा को भी पूरे विवाद के लिए जिम्मेदार बताया है।
ट्रस्ट की बैठक में नहीं हुए थे शामिल
गौरतलब है कि 6 जुलाई को हुई श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में भी चंपत राय शामिल नहीं हुए थे। इसके बाद उनके पत्र और अब कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी से हुई मुलाकात ने पूरे मामले को लेकर चर्चाओं को और तेज कर दिया है।
फिलहाल, सभी की निगाहें एसआईटी जांच पर टिकी हैं। जांच पूरी होने के बाद ही मामले से जुड़े कई अहम सवालों के जवाब सामने आने की उम्मीद है।
