लखनऊ। उत्तर प्रदेश अब केवल विकास के क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि खेलों में भी देश में अग्रणी बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने प्रदेश के खिलाड़ियों को पत्र लिखकर उनकी उपलब्धियों की सराहना की और कहा कि उत्तर प्रदेश के युवा अपनी प्रतिभा और मेहनत से देश-विदेश में राज्य का नाम रोशन कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने 65वीं राष्ट्रीय अंतरराज्यीय सीनियर एथलेटिक्स प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश की पुरुष टीम के पहली बार चैंपियन बनने पर प्रसन्नता जताई। इस प्रतियोगिता में टीम ने कुल 20 पदक जीतकर राष्ट्रीय एथलेटिक्स में नया इतिहास रचा।
इसके साथ ही अंडर-18 हॉकी एशिया कप में भारतीय टीम के प्रदर्शन में उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों के योगदान की भी सराहना की गई। मुख्यमंत्री ने दीप्ति शर्मा, प्रवीण कुमार, अन्नू रानी, सिमरन शर्मा और वंशिका अग्रवाल जैसे खिलाड़ियों के प्रदर्शन को प्रदेश के लिए गर्व का विषय बताया।

मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में कहा कि चैंपियन एक दिन में नहीं बनते और न ही खेल संस्कृति रातों-रात विकसित होती है। इसके लिए निरंतर अभ्यास, अनुशासन और बेहतर सुविधाओं की आवश्यकता होती है।
प्रदेश सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए बड़े स्तर पर खेल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित कर रही है। हर ग्राम पंचायत में खेल मैदान, हर ब्लॉक में मिनी स्टेडियम और हर जनपद में आधुनिक स्टेडियम बनाए जा रहे हैं। मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय की स्थापना की जा चुकी है, जबकि हर मंडल में स्पोर्ट्स कॉलेज और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की योजना है।
सरकार का कहना है कि खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और सरकारी नौकरियों में अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि खेल को करियर के रूप में अपनाने वाले युवाओं को पूरा सहयोग मिल सके।
मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से भी अपील की कि वे बच्चों की खेल प्रतिभा को प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि खेल न केवल करियर का माध्यम है, बल्कि यह अनुशासन, सकारात्मक सोच और टीम भावना विकसित करने का सबसे अच्छा साधन भी है।
