उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बरेली स्थित पं. राधेश्याम कथावाचक स्मृति भवन ऑडिटोरियम में महान हिन्दी साहित्यकार, लोकनाट्य परंपरा के नाटककार और प्रसिद्ध कथावाचक Pandit Radheshyam Kathavachak की प्रतिमा का अनावरण किया। इस दौरान उन्होंने उनके साहित्यिक और सांस्कृतिक योगदान को याद करते हुए उनके पैतृक घर को पर्यटन विभाग के माध्यम से संग्रहालय (म्यूजियम) बनाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति उसकी विरासत के सम्मान और संरक्षण पर निर्भर करती है। जो समाज अपनी सांस्कृतिक धरोहर को सहेजता है, वही विकास के मार्ग पर आगे बढ़ता है।
उन्होंने कहा कि Valmiki की रामायण ने देश को जोड़ने का कार्य किया, जबकि Tulsidas ने श्रीराम नाम की महिमा को जन-जन तक पहुंचाया। आधुनिक काल में यही कार्य पं. राधेश्याम कथावाचक ने अपनी सरल भाषा, संवाद शैली और ‘राधेश्याम रामायण’ के माध्यम से किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पं. राधेश्याम ने भारतीय संस्कृति, श्रीराम कथा और सनातन मूल्यों को आमजन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका साहित्य आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा।
उन्होंने घोषणा की कि पं. राधेश्याम कथावाचक के पैतृक घर को पर्यटन विभाग की मदद से संग्रहालय के रूप में विकसित किया जाएगा। इसमें उनकी स्मृतियों और साहित्यिक धरोहर को सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि भावी पीढ़ियां भी उनके योगदान से परिचित हो सकें।
