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कानपुर में ‘डिजिटल अरेस्ट’ ठगी: रिटायर अधिकारी से 57 लाख की ठगी, 5 आरोपी गिरफ्तार

कानपुर साइबर ठगों ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर एक सेवानिवृत्त अधिकारी को निशाना बनाते हुए 57 लाख रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित को फोन कर डराया गया कि उनके बैंक खाते से पुलवामा आतंकी हमला के मुख्य आरोपी को पैसे ट्रांसफर हुए हैं।

 ऐसे रचा गया ठगी का जाल

रामबाग निवासी रिटायर असिस्टेंट कमिश्नर भैरव प्रसाद पांडेय को 10 अप्रैल को कॉल आई। ठगों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर व्हाट्सएप वीडियो कॉल की और गिरफ्तारी का डर दिखाया। परिवार को भी कार्रवाई में फंसाने की धमकी दी गई, जिससे घबराकर पीड़ित ने अलग-अलग खातों में आरटीजीएस के जरिए 57 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।

 5 आरोपी गिरफ्तार, सरगना फरार

साइबर क्राइम पुलिस ने सर्विलांस के आधार पर 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें जय प्रकाश, शुभांकर सिंह, विनय प्रताप सिंह और राजू ठाकुर शामिल हैं। इनके पास से सिम कार्ड, बैंक दस्तावेज और एक कार बरामद हुई है।

इस गिरोह का मुख्य आरोपी दाऊद अंसारी बताया जा रहा है, जो सुरक्षा बल में तैनात है और फिलहाल फरार है। पुलिस के अनुसार उसके तार विदेशी साइबर गिरोह, खासकर कंबोडिया से जुड़े हो सकते हैं।

अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की आशंका

जांच में सामने आया है कि यह ठगी का नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैला हो सकता है। पुलिस ने संबंधित एजेंसियों को सूचना देकर आगे की कार्रवाई तेज कर दी है।

 क्या है ‘डिजिटल अरेस्ट’ ठगी?

इस तरह के फ्रॉड में ठग खुद को पुलिस/एजेंसी अधिकारी बताकर:

  • फर्जी केस में फंसाने की धमकी देते हैं
  • वीडियो कॉल के जरिए भरोसा दिलाते हैं
  • डर का माहौल बनाकर पैसे ट्रांसफर करवाते हैं
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