लखनऊ के दुबग्गा डिपो में शुक्रवार को संविदा बस चालकों और परिचालकों ने निजी आउटसोर्सिंग के विरोध में कार्य बहिष्कार कर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। सुबह करीब 5:30 बजे से शुरू हुए प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने डिपो परिसर में जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने लखनऊ सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड के प्रबंध निदेशक को संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया कि वर्ष 2021 में भर्ती किए गए विभागीय संविदा परिचालकों को एसएस इंटरप्राइजेज नामक निजी आउटसोर्सिंग फर्म में समायोजित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कर्मचारियों का कहना है कि वर्षों से विभाग के अधीन कार्य करने के बाद उन्हें निजी कंपनी के हवाले करना उनके हितों के खिलाफ है।
कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि मार्च 2026 से उनका वेतन लंबित है, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई कर्मचारियों ने कहा कि परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है। प्रदर्शनकारियों ने कुछ अधिकारियों पर मानसिक उत्पीड़न, धमकी और दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।धरने के दौरान कर्मचारियों ने तीन प्रमुख मांगें रखीं।
पहली, विभागीय संविदा कर्मचारियों को निजी आउटसोर्सिंग फर्म में भेजने की प्रक्रिया तत्काल रोकी जाए। दूसरी, लंबित वेतन का शीघ्र भुगतान किया जाए। तीसरी, कर्मचारियों के रोजगार और हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
