दुबग्गा वन रेंज क्षेत्र में अवैध लकड़ी के परिवहन को रोकने पहुंचे वन विभाग के कर्मचारियों पर जानलेवा हमले का मामला सामने आया है। आरोप है कि बिना ट्रांजिट परमिट के अमेठिया सलेमपुर गांव से काटी गई लकड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली से काकोरी की एक आरा मशीन ले जाई जा रही थी।
सूचना मिलने पर वनकर्मी रामबालक और मुलायम मौके पर पहुंचे और ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोकने की कोशिश की। आरोप है कि इस दौरान लकड़ी ठेकेदार वाहिद और इलियास ने जानबूझकर ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट दी और वनकर्मियों को कुचलने का प्रयास किया। दोनों कर्मचारियों ने किसी तरह अपनी जान बचाई।
वनकर्मियों का आरोप है कि आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। घटना की जानकारी तुरंत उच्च अधिकारियों को दी गई।
जांच में पता चला कि बिना ट्रांजिट परमिट की लकड़ी काकोरी स्थित रेनू आरा मशीन पर उतारी जा रही थी। वन विभाग ने ठेकेदार वाहिद, इलियास और आरा मशीन संचालक के खिलाफ पुलिस में तहरीर देकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है और कहा है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद क्षेत्र में वनकर्मियों की सुरक्षा और अवैध लकड़ी कटान पर रोक लगाने की मांग तेज हो गई है।
