Homeउत्तर प्रदेशफर्रुखाबाद में गंगा का बढ़ता जलस्तर, बाढ़ का खतरा बढ़ा

फर्रुखाबाद में गंगा का बढ़ता जलस्तर, बाढ़ का खतरा बढ़ा

रिपोर्ट -अमित औदीच्य

फर्रुखाबाद में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ का खतरा बढ़ता जा रहा है। गंगा का जलस्तर 136.95 मीटर से बढ़कर 137.05 मीटर पहुंच गया है। खतरे का निशान 137.10 मीटर है, यानी गंगा का पानी खतरे के निशान से महज 5 सेंटीमीटर नीचे है।

लगातार बढ़ते जलस्तर और तेज कटान को देखते हुए डीएम डॉ. अंकुर लाठर ने मोटर बोट से सदर तहसील क्षेत्र के गंगा कटान प्रभावित गांव दिलीप की मड़ैया पहुंचकर मौके का निरीक्षण किया। डीएम ने गांव में ग्रामीणों की भयावह स्थिति का जायजा लिया। उनके साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम भी बाढ़ से घिरे गांव पहुंची और मेडिकल कैंप लगाकर ग्रामीणों को दवाइयां वितरित कीं।

डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ से जिन ग्रामीणों के मकान, खेत और फसल प्रभावित हुए हैं, उनका जल्द आकलन कराया जाए और नियमानुसार मुआवजा दिलाया जाए।

वहीं, दिलीप की मड़ैया गांव में गंगा का कटान लगातार तेज हो रहा है। यहां छह और मकान गंगा की तेज धार में बह गए। अब तक कुल 31 मकान नदी में समा चुके हैं। जो मकान अभी बचे हैं, उन पर भी गंगा की तेज धार सीधे टकरा रही है। ऐसे में ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।

गांव में बचे लोग रातें जागकर काट रहे हैं और अपने मकानों को तोड़कर सामान सुरक्षित निकालने में जुटे हैं। गंगा का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे बसे 50 से अधिक गांवों के लोगों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं।

अमृतपुर तहसील क्षेत्र के 35 से ज्यादा गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। कई गांवों के रास्तों पर पानी भर गया है, जिसके चलते लोगों को आवागमन के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। ग्रामीणों के सामने पशुओं के चारे का संकट भी खड़ा हो गया है। पिछले करीब 10 दिनों से कई इलाकों में पानी भरा होने के कारण ग्रामीणों को चारा लाने के लिए कई किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है।

 डॉ. अंकुर लाठर, डीएम फर्रुखाबाद

फिलहाल प्रशासन की टीमें लगातार बाढ़ प्रभावित इलाकों में निगरानी कर रही हैं और ग्रामीणों को हरसंभव मदद पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

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