भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (आईआईटी मद्रास) ने शैक्षणिक सत्र 2026 के लिए अपने बीएस डिग्री प्रोग्राम्स में प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक विद्यार्थी 31 मई 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। इन प्रोग्राम्स की खास बात यह है कि इनमें दाखिले के लिए जेईई पास करना अनिवार्य नहीं है और कक्षा 12 उत्तीर्ण कोई भी छात्र आवेदन कर सकता है। आयु सीमा भी निर्धारित नहीं की गई है।
आईआईटी मद्रास द्वारा चार अलग-अलग बीएस प्रोग्राम्स संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें बीएस इन डेटा साइंस एंड एप्लिकेशंस, बीएस इन इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम्स, बीएस इन मैनेजमेंट एंड डेटा साइंस तथा बीएस इन एरोनॉटिक्स एंड स्पेस टेक्नोलॉजी शामिल हैं। इन कोर्सेस को इस तरह डिजाइन किया गया है कि विद्यार्थी इन्हें स्वतंत्र डिग्री के रूप में या अपनी नियमित कॉलेज पढ़ाई के साथ भी कर सकें।
इन प्रोग्राम्स की पढ़ाई मुख्य रूप से ऑनलाइन मोड में होती है, जबकि परीक्षाएं देशभर में निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर ऑफलाइन आयोजित की जाती हैं। विद्यार्थियों को अपनी सुविधा के अनुसार पढ़ाई करने की स्वतंत्रता दी गई है। साथ ही सर्टिफिकेट, डिप्लोमा और डिग्री जैसे कई एग्जिट ऑप्शन भी उपलब्ध हैं, जिससे छात्र अपने करियर और शैक्षणिक जरूरतों के अनुसार आगे बढ़ सकें।
आईआईटी मद्रास के डीन (अकादमिक कोर्स) प्रो. प्रताप हरिदोस ने कहा कि यह प्रोग्राम विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा के साथ लचीलापन प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में डेटा, टेक्नोलॉजी और इंटरडिसिप्लिनरी सोच की मांग तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में विद्यार्थी अपनी मुख्य डिग्री के साथ आईआईटी मद्रास का बीएस प्रोग्राम कर बेहतर करियर अवसर हासिल कर सकते हैं।
संस्थान का कहना है कि तेजी से बदलते रोजगार बाजार को देखते हुए विद्यार्थियों के लिए “फ्यूचर-रेडी स्किल्स” विकसित करना बेहद जरूरी हो गया है। इसी उद्देश्य से यह शिक्षा मॉडल तैयार किया गया है, जो भौगोलिक दूरी, पारंपरिक प्रवेश प्रक्रिया और कठोर शिक्षण ढांचे जैसी बाधाओं को कम करता है।
बीएस डिग्री प्रोग्राम की एक और बड़ी विशेषता यह है कि इसमें प्रवेश के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) आवश्यक नहीं है। विद्यार्थी क्वालिफायर प्रक्रिया के माध्यम से एडमिशन प्राप्त कर सकते हैं। इससे देशभर के अधिक से अधिक छात्रों के लिए आईआईटी स्तर की शिक्षा सुलभ हो रही है।
बीकॉम, बीएससी, बीबीए और इंजीनियरिंग जैसे अन्य अंडरग्रेजुएट कोर्स कर रहे विद्यार्थी भी इन प्रोग्राम्स में समानांतर रूप से नामांकन कर सकते हैं। इससे उन्हें विश्लेषणात्मक सोच, तकनीकी दक्षता और निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने में मदद मिलती है।
आईआईटी मद्रास के अनुसार, इन बीएस प्रोग्राम्स में देशभर से लाखों विद्यार्थी पहले से नामांकित हैं। आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन योग्य छात्रों को संस्थान 75 प्रतिशत तक फीस सहायता भी उपलब्ध कराता है, ताकि आर्थिक स्थिति पढ़ाई में बाधा न बने।
इन कोर्सेस का पाठ्यक्रम उद्योग और शिक्षा जगत के विशेषज्ञों की सलाह से तैयार किया गया है। इसमें व्यावहारिक शिक्षा, रियल-लाइफ एप्लिकेशन और नई तकनीकों पर विशेष जोर दिया गया है। विद्यार्थियों को डेटा एनालिटिक्स, बिजनेस डिसीजन मेकिंग, इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम्स और एयरोस्पेस टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
अधिक जानकारी और आवेदन के लिए विद्यार्थी आईआईटी मद्रास बीएस प्रोग्राम पोर्टल पर विजिट कर सकते हैं।
