न्यूज़ डेस्क, प्रयागराज
प्रयागराज। अमर शहीद ठाकुर रोशन सिंह के नाम पर स्वरूप रानी नेहरू मंडलीय चिकित्सालय का नाम बदलने समेत आठ सूत्रीय मांगों को लेकर प्रयागराज में चल रहा अनिश्चितकालीन धरना 13वें दिन शासन के आश्वासन के बाद स्थगित कर दिया गया। आंदोलनकारियों ने कहा कि अब उनकी नजर शासन की ओर से मांगों पर होने वाली कार्रवाई पर रहेगी।
धरने के 13वें दिन शासन के प्रतिनिधि के तौर पर पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं विधायक सिद्धार्थनाथ सिंह धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने आंदोलनकारियों से बातचीत की और उनकी मांगों को गंभीरता से सुना। इस दौरान उन्होंने महुआ डाबर संग्रहालय के महानिदेशक एवं क्रांतिकारी शहीद वंशज डॉ. कलाम राणा से भी वार्ता की।
इसके बाद सिद्धार्थनाथ सिंह ने अमर शहीद ठाकुर रोशन सिंह के बलिदान स्थल पर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। वार्ता के दौरान आंदोलनकारियों की ओर से रखी गई आठ सूत्रीय मांगों पर शासन की ओर से आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। आश्वासन मिलने के बाद आंदोलनकारियों ने फिलहाल धरना स्थगित करने का निर्णय लिया।

अस्पताल का नाम बदलने की प्रमुख मांग
आंदोलनकारियों की प्रमुख मांग है कि स्वरूप रानी नेहरू मंडलीय चिकित्सालय का नाम बदलकर ‘अमर शहीद ठाकुर रोशन सिंह चिकित्सालय’ किया जाए। इसके साथ ही शहीद ठाकुर रोशन सिंह पार्क और प्रतिमा स्थल के संरक्षण की भी मांग की गई है।
आंदोलनकारियों ने ऐतिहासिक तथ्यों से जुड़ी त्रुटियों को दूर करने और शहीद की स्मृतियों को संरक्षित करने की मांग भी शासन के सामने रखी।
चौराहे का नाम भी बदलने की मांग
मांगों में मंडलीय चिकित्सालय के पास स्थित सिविल लाइन्स चौराहे का नाम बदलकर ‘अमर शहीद ठाकुर रोशन सिंह चौराहा’ किए जाने की मांग भी शामिल है। आंदोलनकारियों का कहना है कि इससे प्रयागराज में अमर शहीद की स्मृतियों को सम्मान मिलेगा और आने वाली पीढ़ियों को उनके बलिदान के बारे में जानकारी मिलेगी।
बलिदान शताब्दी वर्ष पर राजकीय कार्यक्रम की मांग
आंदोलनकारियों ने 19 दिसंबर 2026 से शुरू होने वाले ठाकुर रोशन सिंह के बलिदान शताब्दी वर्ष को भव्य रूप से मनाने की मांग की है। इसके तहत राजकीय कार्यक्रम आयोजित करने और शस्त्र सलामी देने की मांग रखी गई है।
इसके अलावा मंडलीय चिकित्सालय को आधुनिक एवं आदर्श चिकित्सालय के रूप में विकसित करने की मांग भी आठ सूत्रीय मांगों में शामिल है।
मलाका जेल के इतिहास पर शोध ग्रंथ की मांग
आंदोलनकारियों ने मलाका जेल के इतिहास से जुड़े अभिलेखीय दस्तावेजों के आधार पर एक शोध ग्रंथ प्रकाशित करने की मांग भी की है। उनका कहना है कि स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े ऐतिहासिक स्थलों और घटनाओं को दस्तावेजों के माध्यम से संरक्षित किया जाना जरूरी है।
वहीं शहीद प्रतिमा स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए CCTV कैमरे लगाए जाने और निगरानी के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने की मांग भी की गई है।
पर्यटन मानचित्र में शामिल करने की मांग
ठाकुर रोशन सिंह के बलिदान स्थल को स्वतंत्रता संग्राम सर्किट में शामिल करने के साथ ही उत्तर प्रदेश के पर्यटन मानचित्र पर स्थान देने की मांग भी आंदोलनकारियों ने उठाई है।
आंदोलनकारियों का कहना है कि इससे शहीद ठाकुर रोशन सिंह के योगदान को व्यापक स्तर पर पहचान मिलेगी और युवा पीढ़ी को उनके बलिदान के बारे में जानने का अवसर मिलेगा।
शासन की कार्रवाई पर टिकी नजर
शासन की ओर से मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद संयोजक डॉ. अवनीश सिंह ने धरने से जुड़े सभी साथियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि फिलहाल धरना स्थगित किया गया है, लेकिन अब सभी की नजर शासन की ओर से आठ सूत्रीय मांगों पर होने वाली कार्रवाई पर रहेगी।
आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि मांगों पर आगे होने वाली प्रगति के आधार पर ही आंदोलन की अगली रणनीति तय की जाएगी।
