रिपोर्ट: प्रिया बाजपेई शुक्ला
लखनऊ में सोमवार दोपहर राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के कार्यकर्ताओं ने हजरतगंज चौराहे पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ प्रदर्शन किया। दोपहर करीब 1:35 बजे अचानक पहुंचे कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव का पुतला फूंका और जमकर नारेबाजी की। बारिश के बीच करीब 20 मिनट तक चले प्रदर्शन से इलाके में हलचल रही।
कार्यकर्ता जिस पुतले को लेकर पहुंचे थे, उस पर तीन जगह ‘टोंटी चोर’ लिखा हुआ था। RLD कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव के गठबंधन को लेकर दिए गए बयान पर नाराजगी जताते हुए कहा कि ‘चवन्नी’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल बेहद गलत और अपमानजनक है। उन्होंने चेतावनी दी कि इसका जवाब सपा को 2027 के विधानसभा चुनाव में मिलेगा।

‘भविष्य में सपा के साथ गठबंधन मुश्किल’
प्रदर्शन कर रहे अमन पांडे ने कहा कि पिछले दो वर्षों से उनकी पार्टी और RLD नेताओं को लेकर लगातार बयानबाजी की जा रही है, जिससे कार्यकर्ता नाराज और आहत हैं। उन्होंने कहा कि अब सब्र का घड़ा भर चुका है।
अमन पांडे ने आरोप लगाया कि सपा ने RLD और चौधरी चरण सिंह का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में सपा के साथ गठबंधन करना मुश्किल होगा और आगामी चुनाव में समाजवादी पार्टी को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
RLD ने कहा- ‘चवन्नी’ शब्द का इस्तेमाल गलत
RLD के प्रदेश मीडिया प्रभारी मयंक त्रिवेदी ने कहा कि अखिलेश यादव की टिप्पणी उनके नेता और पार्टी के प्रति बेहद अभद्र है। उन्होंने कहा कि राजनीति में गठबंधन बनते और बिगड़ते रहते हैं, लेकिन नेताओं को एक-दूसरे के सम्मान का ध्यान रखना चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि चौधरी चरण सिंह का आशीर्वाद नहीं मिला होता तो आज समाजवादी पार्टी इस स्थिति में नहीं होती। मयंक त्रिवेदी ने कहा कि ‘चवन्नी’ शब्द का इस्तेमाल किसान मसीहा चौधरी चरण सिंह और किसानों का अपमान है। उन्होंने कहा कि इस बयान का असर 2027 के चुनाव में देखने को मिलेगा।
RLD नेताओं ने यह भी कहा कि भले ही अखिलेश यादव ने किसी का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया हो, लेकिन राजनीति में कटाक्ष और इशारा काफी होता है। उन्होंने दावा किया कि RLD के समर्थन के बिना सपा 47 से 111 सीटों तक नहीं पहुंचती।
