न्यूज डेस्क, मेरठ
मेरठ। मंगलवार को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा। पर्व नजदीक आते ही हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे शिवभक्तों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी है। दिल्ली-दून हाईवे और कांवड़ मार्ग पर दूर-दूर तक कांवड़ियों का हुजूम नजर आ रहा है। पूरा मार्ग केसरिया रंग में रंगा दिखाई दे रहा है।
सुबह से देर रात तक हाईवे पर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारे गूंज रहे हैं। पैदल कांवड़ लेकर लौटने वालों में बच्चे, युवा, बुजुर्ग और महिलाएं भी शामिल हैं। कई महिला कांवड़िए छोटे बच्चों के साथ शिवभक्ति में लीन होकर यात्रा करती नजर आ रही हैं। शिवभक्त हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने गांव और शहरों की ओर लगातार बढ़ रहे हैं।

हाईवे पर बढ़ने लगी डाक कांवड़
महाशिवरात्रि नजदीक आने के साथ ही हाईवे पर डाक कांवड़ के जत्थे भी दिखाई देने लगे हैं। आने वाले दिनों में इनकी संख्या और बढ़ने की उम्मीद है। कांवड़ियों की सुविधा के लिए कांवड़ मार्ग पर जगह-जगह सेवा शिविर लगाए गए हैं। इन शिविरों में भोजन, पेयजल, फल और चिकित्सा सहित विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
महाकाली स्वरूप की कांवड़ और AK-47 का 3D डिजाइन बना आकर्षण
मेरठ के कांवड़ मार्ग पर शिवभक्ति के साथ कई अनोखे स्वरूप भी देखने को मिल रहे हैं। मोदीपुरम और कंकरखेड़ा कांवड़ मार्ग पर रविवार को महाकाली स्वरूप की कांवड़ लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। इस कांवड़ में नरमुंड और कंकाल लगाए गए हैं।
वहीं, बाइक पर बना AK-47 का 3D डिजाइन भी राहगीरों का ध्यान खींच रहा है। लोग इन अनोखी कांवड़ों की तस्वीरें लेते नजर आए।
भीड़ बढ़ने पर हटाया गया डीजे
दौराला के पास कांवड़ियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए सार्जन डीजे को भी वहां से हटा दिया गया। पुलिस ने उसे बैनर से सील कर सिवाया टोल प्लाजा की ओर रवाना किया। पुलिस अधीक्षक विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि व्यवस्था न बिगड़े, इसलिए डीजे को कहीं रुकने की अनुमति नहीं दी गई है। इसे बेहद कम समय के लिए संचालित करने की शर्त रखी गई है।

राज्यमंत्री ने कांवड़ियों की सेवा की
प्रदेश के राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ. सोमेंद्र तोमर ने रविवार को कांवड़ सेवा शिविरों में पहुंचकर शिवभक्तों की सेवा की। उन्होंने कांवड़ लेकर भगवान भोलेनाथ के धाम की ओर जा रहे श्रद्धालुओं का सेवा-सत्कार किया और उन्हें प्रसाद व आवश्यक सामग्री वितरित की।
डॉ. सोमेंद्र तोमर ने कहा कि श्रावण मास में शिवभक्तों की सेवा करना सौभाग्य और पुण्य का कार्य है। उन्होंने इसे भगवान शिव की आराधना के समान बताया। इस दौरान उन्होंने भगवान भोलेनाथ से शिवभक्तों, उनके परिवारों और प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की।

