कांवड़ यात्रा शुरू होने के साथ ही उत्तर प्रदेश के कांवड़ मार्ग पर स्थित जिलों के बाजार पूरी तरह भगवामय हो चुके हैं। मेरठ से लेकर मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, सहारनपुर और बागपत तक, शिवभक्तों की आस्था ने पूरे कारोबारी माहौल को नई रफ्तार दे दी है।
दुकानों पर भगवा टी-शर्ट, गमछे, हॉफ पैंट और पूजन सामग्री की भरमार है और व्यापारियों के चेहरों पर रौनक साफ झलक रही है।
महादेव के स्लोगन वाली टी-शर्ट के प्रति सर्वाधिक आकर्षण
मेरठ में इस बार महादेव के संदेश वाली टी-शर्ट युवाओं की पहली पसंद बनकर उभरी है। ‘काल उसका क्या करे, जो भक्त हो महाकाल का’ जैसे स्लोगन छपी टी-शर्ट की मांग सबसे ज्यादा है।
बाजार में 80 रुपये से लेकर 500 रुपये तक की टी-शर्ट उपलब्ध हैं। इसके साथ ही भगवा गमछे, वाटरप्रूफ मोबाइल कवर, हॉफ पैंट और जलाभिषेक के लिए सजावटी स्टील कलश की बिक्री में भी तेज उछाल देखने को मिल रहा है।
व्यापारियों के अनुसार इस बार खरीदारी पिछले वर्षों की तुलना में काफी पहले शुरू हो गई, जिससे कारोबार को अतिरिक्त गति मिली है।
बढ़ रही कांवड़ियों की भीड़, छोटे दुकानदारों की भी चांदी
मुजफ्फरनगर कांवड़ यात्रा का सबसे व्यस्त पड़ाव माना जाता है। दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग, शिव चौक, रुड़की रोड, मेरठ रोड और बुढ़ाना रोड जैसे प्रमुख मार्गों पर भगवा वस्त्रधारी शिवभक्तों का सैलाब उमड़ रहा है, जिससे भगवा वस्त्र, झंडे और गमछों की मांग चरम पर है।
बाजारों के छोटे व्यापारियों को भी इसका लाभ मिल रहा है। सड़क किनारे अस्थायी दुकानों और स्टालों पर व्यापार लगातार बढ़ रहा है।
‘योगी-बुलडोजर’ प्रिंट वाली टी-शर्ट का नया क्रेज
गाजियाबाद के साहिबाबाद क्षेत्र में इस बार बाजार का मिजाज कुछ अलग रंग में नजर आ रहा है। परंपरागत भगवा टी-शर्ट के साथ-साथ ‘योगी-बुलडोजर’ थीम वाली टी-शर्ट को लेकर युवाओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। कांवड़ मार्ग से लेकर वैशाली, वसुंधरा, इंदिरापुरम, कौशांबी और मोहन नगर के आसपास लगी अस्थायी दुकानों पर कांवड़ियों के लिए कपड़े, झंडे, गमछे और पूजन सामग्री की जमकर बिक्री हो रही है।
सजावटी कलश और पूजन सामग्री की भी जबरदस्त मांग
कांवड़ मार्ग के जिलों में बाजार पूरी तरह उत्सवी माहौल में हैं। बिजनौर में पुलिस-प्रशासन ने यात्रा को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए पहले से ही व्यापक तैयारियां कर ली हैं, जिससे बाजारों में कारोबार बेरोकटोक जारी है। जलाभिषेक के लिए इस्तेमाल होने वाले सजावटी स्टील कलश और अन्य पूजन सामग्री की मांग भी कांवड़ मार्ग के हर जिले में बढ़ी है। आकर्षक डिजाइन वाले कलश श्रद्धालुओं को खासतौर पर लुभा रहे हैं, जिससे बर्तन व्यापारियों के कारोबार में भी अच्छी तेजी दर्ज की जा रही है।
हजारों करोड़ की अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल
कांवड़ यात्रा अब केवल आस्था का पर्व नहीं रह गई, बल्कि यह प्रदेश के कारोबारी कैलेंडर की सबसे बड़ी घटनाओं में शुमार हो चुकी है। व्यापारिक अनुमानों के अनुसार इस बार पूरे प्रदेश में कांवड़ यात्रा से करीब 1500 करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी, जिसमें अकेले मेरठ का हिस्सा करीब 300 करोड़ रुपये आंका जा रहा है।
मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, सहारनपुर और बागपत जैसे प्रमुख पड़ावों को मिलाकर देखा जाए तो कांवड़ मार्ग के जिलों में समग्र कारोबार का आंकड़ा और भी बड़ा होने की संभावना है।व्यापारियों का मानना है कि जैसे-जैसे कांवड़ यात्रा अपने चरम की ओर बढ़ेगी, बाजार में कारोबार और तेज होने की उम्मीद है। सस्ती से लेकर प्रीमियम रेंज तक हर वर्ग के श्रद्धालुओं के लिए बाजार में विकल्प मौजूद हैं, जिससे इस मौसम में व्यापारियों को अच्छी कमाई की उम्मीद बंधी है।
