Kushinagar में छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में मिली किशोरी की सिरकटी लाश का मामला ऑनर किलिंग निकला है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि पिता ने परिवार की “इज्जत” के नाम पर अपनी 16 वर्षीय बेटी की हत्या कर शव के छह टुकड़े कर दिए। इस वारदात में उसकी बहन और बहनोई ने भी साथ दिया।
मामला सेवरही थाना क्षेत्र के पिपराघाट मुस्तकिल गांव के टोला जयपुर का है। आरोपी बिग्गन ई-रिक्शा चलाकर परिवार का पालन-पोषण करता था। उसकी तीन बेटियां और दो बेटे हैं। पुलिस के अनुसार, उसकी दो बेटियों ने पहले प्रेम विवाह कर लिया था, जबकि तीसरी बेटी शब्बा एक युवक से बात करती थी। इसी बात से आरोपी पिता नाराज रहता था।
पांच दिन पहले रची गई हत्या की साजिश
जीआरपी के मुताबिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने वारदात से पहले पत्नी और दोनों बेटों को रिश्तेदारों के यहां भेज दिया था। घर में केवल शब्बा और उसकी बुजुर्ग दादी मौजूद थीं।
16 मई को आरोपी ने अपनी बहन नूरजहां और बहनोई मजबुल्लाह को घर बुलाया। देर शाम तीनों ने मिलकर धारदार हथियार से किशोरी की हत्या कर दी और शव के कई टुकड़े कर दिए।
ट्रेन में रख दिया शव से भरा बक्सा
हत्या के बाद आरोपी ने किशोरी का सिर गांव के तालाब में फेंक दिया। बाकी शव को प्लास्टिक और पुराने कपड़ों में लपेटकर एक बक्से में रखा गया।
इसके बाद तीनों ई-रिक्शा से तमकुहीरोड रेलवे स्टेशन पहुंचे और छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस के स्लीपर कोच S-1 में बक्सा रख दिया। शव रखने के बाद आरोपी एसी कोच से बाहर निकले। इस दौरान उनकी तस्वीरें कोच में लगे कैमरों में कैद हो गईं।
सीसीटीवी फुटेज से खुला राज
तमकुहीराज आरपीएफ और कुशीनगर स्वाट टीम ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी बिग्गन अंसारी की पहचान की। सख्ती से पूछताछ में उसने अपराध कबूल कर लिया।
उसकी निशानदेही पर पुलिस ने तालाब से किशोरी का कटा सिर और हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद किया।
पड़ोसियों को नहीं लगी भनक
पुलिस के मुताबिक आरोपी ने बेहद सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया। यहां तक कि घर में मौजूद 90 वर्षीय मां को भी हत्या की जानकारी नहीं हुई।
गांव वालों ने बताया कि बिग्गन कम बोलने वाला व्यक्ति था और किसी से ज्यादा मेलजोल नहीं रखता था। वह सुबह ई-रिक्शा लेकर निकल जाता और शाम को लौटता था।
बेटे की बीमारी से तनाव में था आरोपी
ग्रामीणों के अनुसार आरोपी का बड़ा बेटा कैंसर से पीड़ित है, जिसके इलाज में उसने पुश्तैनी जमीन तक बेच दी थी। आर्थिक और मानसिक तनाव के बीच वह बेटी के युवक से बात करने को लेकर भी नाराज रहता था।
पुलिस का कहना है कि अगर ट्रेन के एसी कोच के कैमरों में आरोपियों की तस्वीरें कैद नहीं होतीं तो मामले का खुलासा करना मुश्किल हो सकता था। फिलहाल पुलिस तीनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
