दिल्ली यूनिवर्सिटी की 19 वर्षीय छात्रा के साथ लखनऊ में कथित गैंगरेप के मामले में जांच के दौरान नया मोड़ सामने आया है। शुरुआती मेडिकल जांच में पीड़िता के शरीर और प्राइवेट पार्ट्स पर किसी तरह की बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं। साथ ही ऐसे स्पष्ट संकेत भी नहीं मिले हैं जिनसे कई लोगों द्वारा जबरदस्ती यौन हमले की पुष्टि हो सके।
पीड़िता ने दिल्ली के आनंद विहार रेलवे पुलिस थाने में जीरो एफआईआर दर्ज कराई थी। मेडिकल जांच भी दिल्ली में कराई गई, जिसमें शरीर पर बाहरी चोट न होने की बात दर्ज की गई है। हालांकि मेडिकल और कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि केवल मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि यौन हमला नहीं हुआ।
फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए सैंपल
मेडिकल जांच के दौरान लिए गए बायोलॉजिकल स्वैब सैंपल को सुरक्षित रखकर फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी भेजा गया है। अंतिम मेडिकल राय एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
लखनऊ छोड़ने के बाद भी आरोपी से संपर्क में थी युवती
पुलिस सूत्रों के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और कॉल डिटेल रिकॉर्ड के विश्लेषण में पता चला है कि युवती लखनऊ से दिल्ली रवाना होने के बाद भी मुख्य आरोपी शिवम यादव के संपर्क में थी और दोनों के बीच लगातार फोन पर बातचीत हो रही थी।
आरोपी ने ट्रेन टिकट खरीदने का दावा
एफआईआर में पीड़िता ने आरोप लगाया है कि सुशांत गोल्फ सिटी इलाके के एक किराए के फ्लैट में उसके साथ चार दिनों तक गैंगरेप किया गया। बाद में आरोपी उसे चारबाग रेलवे स्टेशन छोड़ गए।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपी ने कथित तौर पर युवती के लिए ट्रेन का जनरल टिकट भी खरीदा था, जिसके बाद वह दिल्ली रवाना हुई।
जांच अभी शुरुआती चरण में
लखनऊ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि मेडिकल जांच के निष्कर्षों को जांच का केवल एक हिस्सा माना जाएगा। फोरेंसिक, डिजिटल और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के साथ मिलाकर पूरे मामले का विश्लेषण किया जाएगा।
एक अधिकारी के अनुसार जांच अभी शुरुआती चरण में है और सभी पहलुओं की गहनता से पड़ताल की जा रही है।
फरार आरोपियों पर इनाम घोषित
लखनऊ पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी शिवम यादव और सन्नी यादव की गिरफ्तारी में मदद करने वाली सूचना पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। पुलिस की कई टीमें उत्तर प्रदेश और दिल्ली में संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं।
