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गोमती के बढ़ते जलस्तर से लखनऊ में बिगड़े हालात, पलासियो मॉल से लेकर फैजुल्लागंज तक पानी का कहर

रिपोर्ट- प्रिया बाजपेई शुक्ला

लखनऊ। गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ राजधानी लखनऊ में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है। बुधवार को पानी उन इलाकों तक पहुंच गया, जिन्हें अब तक बाढ़ के लिहाज से अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जा रहा था। शहीद पथ के पास स्थित पलासियो मॉल, इकाना स्टेडियम, सीजी सिटी और ट्रिपल आईटी परिसर तक पानी पहुंचने से जनजीवन प्रभावित हुआ है। वहीं फैजुल्लागंज और आसपास के इलाकों में करीब 10 किलोमीटर क्षेत्र पानी से घिरा हुआ है।

इकाना स्टेडियम और पलासियो मॉल तक पहुंचा पानी

गोमती का पानी बढ़ने से इकाना स्टेडियम के आसपास की सड़कें जलमग्न हो गई हैं। पानी पलासियो मॉल तक पहुंच गया। मॉल के बेसमेंट में पानी भरने के बाद वाहनों की आवाजाही रोक दी गई और बेसमेंट में खड़ी गाड़ियों को बाहर निकलवाया गया। मॉल के सामने बने अंडरपास में भी पानी भर गया है। पलासियो से सुलतानपुर रोड की ओर जाने वाली सड़क का एक हिस्सा भी जलभराव की चपेट में है।

ट्रिपल आईटी परिसर में घुसा पानी, छात्र सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए

सीजी सिटी स्थित ट्रिपल आईटी परिसर में भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है। हालात को देखते हुए संस्थान में शैक्षणिक गतिविधियां अगले आदेश तक बंद कर दी गई हैं। निर्धारित एमटेक परीक्षाएं भी स्थगित कर दी गई हैं।

संस्थान के सहायक कुलसचिव विवेकानंद सिन्हा के अनुसार, हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं को कैंसर अस्पताल और छात्रों को गोल्फ सिटी स्थित एक हॉस्टल में सुरक्षित ठहराया गया है। परिसर की बिजली आपूर्ति भी बंद कर दी गई है।

निजी अस्पताल और आपदा प्रबंधन मुख्यालय भी प्रभावित

बाढ़ का पानी पलासियो मॉल के आसपास स्थित निजी अस्पताल और आपदा प्रबंधन मुख्यालय तक भी पहुंच गया है। नगर निगम और एलडीए की टीमें मौके पर मौजूद रहकर पानी की निकासी और प्रभावित इलाकों को बचाने के प्रयास में जुटी हैं।

इकाना स्टेडियम के पास पानी को रोकने के लिए एलडीए की ओर से नाले के आसपास बोरियां लगाई गई थीं और पानी निकालने के लिए पंप लगाया गया था। हालांकि, पानी का दबाव बढ़ने के बाद यह व्यवस्था भी प्रभावित हो गई। नगर निगम के इंजीनियरों के मुताबिक पंपिंग स्टेशन भी तेज बहाव की चपेट में आ गया।

बैकुंठ धाम भी पानी में डूबा

बाढ़ का असर बैकुंठ धाम तक पहुंच गया है। यहां शव रखने के लिए बनाए गए चबूतरे भी पानी में डूब गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हेल्पलाइन पर सूचना देने के बावजूद उन्हें समय पर सहायता नहीं मिल पा रही है।

फैजुल्लागंज में 5 से 6 फीट तक पानी

फैजुल्लागंज और आसपास के इलाकों में स्थिति बेहद गंभीर बताई जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार कई घरों में 5 से 6 फीट तक पानी भर गया है और करीब 10 किलोमीटर क्षेत्र बाढ़ से प्रभावित है।

कई परिवार अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों, किराए के मकानों और रिश्तेदारों के यहां चले गए हैं। हालांकि, बड़ी संख्या में लोग अब भी प्रभावित इलाकों में रहने को मजबूर हैं। स्थानीय अनुमान के मुताबिक हजारों लोग बाढ़ के बीच फंसे हुए हैं।

नावों से पहुंचाई जा रही राहत सामग्री

मामा कॉलोनी और दाउदनगर के कुछ हिस्सों में नावों के जरिए राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। हालांकि, कई संकरी गलियों में रहने वाले लोगों को अभी भी भोजन और पानी का इंतजार है। राहत कार्य को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी भी देखने को मिल रही है।

राहत पहुंचाने गई एनडीआरएफ टीम और स्थानीय लोगों के बीच नोकझोंक की स्थिति भी सामने आई।

पार्षद ने महापौर पर उठाए सवाल

कांग्रेस नेता और नगर निगम पार्षद मुकेश सिंह चौहान ने फैजुल्लागंज की स्थिति को लेकर महापौर सुषमा खर्कवाल पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि क्षेत्र में कई दिनों से बाढ़ की स्थिति बनी हुई है और हजारों परिवार प्रभावित हैं। चौहान ने प्रभावित लोगों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनने और राहत कार्य तेज कराने की मांग की।

प्रशासन ने तेज किए राहत-बचाव के प्रयास

जिला प्रशासन के मुताबिक प्रभावित क्षेत्रों में 52 नावें संचालित की जा रही हैं और चार राहत शिविर बनाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी प्रभावित इलाकों में दवाएं और चिकित्सा सहायता उपलब्ध करा रही हैं।

गोमती का बढ़ता जलस्तर अब लखनऊ में सिर्फ जलभराव की समस्या नहीं रह गया है। शहर के प्रमुख संस्थानों, व्यावसायिक क्षेत्रों, अस्पतालों और घनी आबादी वाले इलाकों तक पानी पहुंचने से स्थिति गंभीर होती जा रही है। आने वाले घंटों में जलस्तर का रुख और राहत-बचाव अभियान की गति बेहद महत्वपूर्ण होगी।

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