लखनऊ में भीषण गर्मी का असर अब लोगों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है। सरकारी और निजी अस्पतालों में हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन, डायरिया और बुखार के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। हालत यह है कि OPD में पर्चा बनवाने से लेकर भर्ती तक मरीजों और तीमारदारों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
KGMU, लोहिया संस्थान, सिविल अस्पताल, लोकबंधु, बलरामपुर, डफरिन और रामसागर मिश्र अस्पताल समेत बड़े सरकारी अस्पतालों में रोजाना 100 से अधिक मरीज गर्मी से जुड़ी बीमारियों के साथ पहुंच रहे हैं। KGMU में रजिस्ट्रेशन के लिए सुबह से ही करीब 400 मीटर लंबी कतार लग रही है।
बच्चों में तेजी से बढ़ रहे डायरिया के मामले
अस्पतालों की बाल रोग OPD में नवजात से लेकर 14 साल तक के बच्चों की संख्या बढ़ गई है। डॉक्टरों के मुताबिक आम दिनों की तुलना में करीब 20 फीसदी अधिक बच्चे इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें ज्यादातर बच्चे उल्टी, दस्त, पेट दर्द, बुखार और शरीर में पानी की कमी की शिकायत से पीड़ित हैं।
इमरजेंसी वार्ड में भी बीमार बच्चों की संख्या बढ़ी है और कई बच्चों को भर्ती कर इलाज करना पड़ रहा है। बाल वार्ड में डायरिया और डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
संक्रमण से बढ़ीं पेट की बीमारियां
सिविल अस्पताल के विशेषज्ञ डॉ. राजेश श्रीवास्तव के अनुसार बढ़ते तापमान की वजह से बैक्टीरियल संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। अस्पताल की OPD में रोज करीब 100 बच्चे पहुंच रहे हैं, जिनमें आधे से अधिक डायरिया और डिहाइड्रेशन से प्रभावित हैं।
उन्होंने सलाह दी कि बच्चों को उल्टी, दस्त या बुखार होने पर बिना डॉक्टर की सलाह एंटीबायोटिक दवा न दें।
KGMU में सुबह से लग रही लंबी लाइन
KGMU के न्यू OPD परिसर में CMS ऑफिस तक मरीजों की लंबी लाइनें देखी जा रही हैं। इनमें बुजुर्ग, महिलाएं, छोटे बच्चे और गंभीर मरीज भी शामिल हैं। तेज धूप और उमस के बीच लोग घंटों अपनी बारी का इंतजार करने को मजबूर हैं।
मरीजों का कहना है कि रजिस्ट्रेशन काउंटर सुबह 8 बजे खुलते हैं, लेकिन नंबर जल्दी आने की उम्मीद में लोग कई घंटे पहले पहुंच जाते हैं। कुछ लोग रात में ही अस्पताल परिसर के आसपास पहुंच जाते हैं।
ऑनलाइन व्यवस्था भी फेल
मरीजों और तीमारदारों का कहना है कि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा होने के बावजूद तकनीकी समस्याओं के कारण लोग उसका फायदा नहीं उठा पा रहे हैं। ऐसे में अधिकांश मरीजों को लंबी लाइन में लगकर ही पर्चा बनवाना पड़ रहा है।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि भीषण गर्मी में लंबे समय तक खुले में खड़े रहने से हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का खतरा और बढ़ जाता है।
हीट स्ट्रोक मरीजों के लिए अलग वार्ड
राजनारायण लोकबंधु संयुक्त अस्पताल के निदेशक डॉ. राजीव दीक्षित ने बताया कि हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद अस्पताल में अलग वार्ड और आइस पैक की व्यवस्था की गई है।
वहीं, सिविल अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. देवेश चंद्र पांडे ने बताया कि गर्मी से प्रभावित मरीजों के लिए 10 बेड का विशेष वार्ड रिजर्व किया गया है। अस्पताल में कोल्ड रूम भी तैयार किया गया है ताकि गंभीर मरीजों का तत्काल इलाज किया जा सके।
इन मरीजों के लिए ज्यादा खतरनाक गर्मी
विशेषज्ञों के मुताबिक हार्ट, किडनी, लिवर, शुगर और ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए हीट स्ट्रोक बेहद घातक साबित हो सकता है। ऐसे मरीजों को जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलने, शरीर को पूरी तरह ढकने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी गई है।
