रिपोर्ट- प्रिया बाजपेयी शुक्ला
लखनऊ । राजधानी लखनऊ के मिश्रीबाग इलाके में जलभराव की समस्या से परेशान स्थानीय लोगों का गुस्सा मंगलवार को सड़क पर फूट पड़ा। लोगों ने बसंत कुंज बंधा स्थित एलडीए के बाढ़ पंपिंग स्टेशन पहुंचकर नगर निगम और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के चलते राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल की ओर जाने वाला मुख्य मार्ग करीब एक घंटे तक बाधित रहा। पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद सड़क से जाम हटवाया गया, हालांकि स्थानीय लोग अपनी मांगों को लेकर मौके पर प्रदर्शन करते रहे।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि इलाके में जल निकासी की व्यवस्था ठीक नहीं है। कई दिनों से बारिश और नालियों का गंदा पानी आसपास के इलाकों में जमा है। लोगों के मुताबिक, क्षेत्र के कई नालों का पानी मिश्रीबाग से होकर गोमती नदी में जाता है, लेकिन सिंचाई विभाग की ओर से नाले का चैनल बंद किए जाने के कारण पानी की निकासी प्रभावित हो गई है। इसके चलते मिश्रीबाग और आसपास के क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है।

घरों के आसपास जमा गंदा पानी, दुर्गंध से लोग परेशान
जलभराव के कारण कई घरों और गलियों के आसपास गंदा पानी जमा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी कई दिनों से जमा होने के कारण दुर्गंध फैल रही है। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि जलभराव वाले पानी में मरे हुए जानवर पड़े हैं, जिससे गंदगी के साथ-साथ संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।
स्थानीय निवासियों के मुताबिक, लगातार जलभराव के कारण बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। लोगों का कहना है कि उन्हें रोजमर्रा के काम के लिए भी गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है।
पार्षद ने नगर निगम और सिंचाई विभाग पर लगाए लापरवाही के आरोप
स्थानीय पार्षद सीबी सिंह ने जलभराव की समस्या को लेकर नगर निगम और सिंचाई विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि नगर निगम के अधिकारी फोन पर समस्या का समाधान कराने का आश्वासन देते हैं, लेकिन मौके पर स्थिति जस की तस बनी हुई है।
पार्षद के मुताबिक, सिंचाई विभाग के के. अरुण कुमार का कहना है कि नाले का चैनल खुला हुआ है। वहीं, स्थानीय लोग चैनल बंद होने का आरोप लगाते हुए लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। इसको लेकर स्थानीय लोगों और संबंधित विभागों के दावों में अंतर दिखाई दे रहा है।

मुख्य नालियां कचरे से पटी, सफाई व्यवस्था पर सवाल
मल्लाही टोला प्रथम वार्ड की मुख्य नालियों में कचरा जमा होने की बात भी स्थानीय लोगों ने कही है। लोगों का आरोप है कि नालियों की नियमित सफाई नहीं होने के कारण पानी की निकासी प्रभावित हो रही है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नगर निगम के अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि नालियों की सफाई और जल निकासी की व्यवस्था समय रहते दुरुस्त नहीं की गई तो आने वाले दिनों में समस्या और गंभीर हो सकती है।
पंपिंग स्टेशन की मोटर समय पर नहीं चलाने का आरोप
लोगों ने आरोप लगाया कि जलभराव के दौरान बाढ़ पंपिंग स्टेशन की मोटरों को समय पर पूरी क्षमता से नहीं चलाया जाता। उनका कहना है कि यदि पंपिंग स्टेशन की सभी मोटरें नियमित रूप से चलाई जाएं तो इलाके में जमा पानी को जल्द बाहर निकाला जा सकता है।
लंबे समय से जलभराव के कारण स्थानीय लोगों में नगर निगम और संबंधित विभागों के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने मांग की कि जल निकासी के लिए नाले के चैनल की स्थिति स्पष्ट की जाए और पंपिंग स्टेशन की सभी मोटरों को पूरी क्षमता से संचालित किया जाए।
संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ने की चिंता
इलाके में कई दिनों से गंदा पानी जमा होने के कारण स्थानीय लोगों ने संक्रामक बीमारियों के खतरे को लेकर भी चिंता जताई। लोगों का कहना है कि जलभराव और गंदगी के बीच मच्छरों का प्रकोप बढ़ सकता है। ऐसे में नगर निगम को जल निकासी के साथ-साथ प्रभावित इलाकों में साफ-सफाई और आवश्यक छिड़काव की व्यवस्था भी करनी चाहिए।
जल्द समाधान नहीं हुआ तो बड़े आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जलभराव की समस्या का जल्द समाधान कराने की मांग की। पुलिस के पहुंचने के बाद मुख्य मार्ग से जाम हटाया गया और यातायात को सामान्य कराया गया।
स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही पंपिंग स्टेशन की सभी मोटरें पूरी क्षमता के साथ चालू कर जलभराव की समस्या दूर नहीं की गई और नालियों की सफाई नहीं कराई गई, तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। फिलहाल इलाके में जलभराव को लेकर स्थानीय लोगों की नाराजगी बनी हुई है।
